Friday the 13th का खौफ, 13 और शुक्रवार का संयोग क्यों है अशुभ

0

शुक्रवार के दिन यदि 13 तारिख(Mystery Behind Friday The 13th) हो तो इसे दुनिया भर में बेहद अशुभ और मनहूस माना जाता है। दुनिया का सबसे अशुभ और मनहूस दिन आज ही है। जी हां आज ही है Friday the 13th, जिसका खौफ पूरी दुनिया में फैला हुआ है। इसे सैकड़ों सालों से लोग अशुभ संयोग मानते आ रहे हैं। इस संयोग को अशुभ माने जाने को लेकर कई तरह की कहानियां और किस्से भी प्रचलित हैं। इस खौफनाक संयोग से विदेशों में लोग इतना डरते हैं कि इस नंबर को अपनी जुबां पर तक नहीं लाते हैं और इस संयोग के दिन घर से बाहर तक नहीं निकलते। घर के नंबरों, होटल के कमरों, लिफ्ट आदि में भी 13 नंबर का इस्तेमाल ना के बराबर किया जाता है।

एक आदमी जिसकी हवाओं से मच्छर मर जाते हैं, कंपनी ने किया हायर

दुनिया में हर व्यक्ति शुभ और अशुभ चीज़ों को मनाता है। किसी के लिए कोई रंग अशुभ होता है तो किसी के लिए कोई अन्य चीज़। लेकिन दुनिया में एक ऐसा अंक है जिसे हर कोई अशुभ ही समझता है। हालांकि 13 नंबर(Mystery Behind Friday The 13th) को अशुभ क्यों माना जाता है इसका कारण आज तक किसी को नहीं मालूम। लेकिन फिर भी इसे पूरी दुनिया में सबसे मनहूस नंबर माना जाता है। हालांकि इसे अशुभ मानने के पीछे लोगों ने कई प्रकार के तर्क दिए हैं। चलिए जानते हैं उन्हीं किस्से और कहानियों के बारे में।

वड़ा पाव में गुलाब जामुन, गजब के कॉम्बिनेशन पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

विशेषतौर पर पश्चिमी देशों में 13 नंबर से लोग परहेज करते हैं और इसे बेहद ही अशुभ मानते हैं। इसके पीछे लोगों का मानना है कि एक बार ईसा मसीह के साथ एक शख्स ने धोखा किया था। जिस शख्स ने उनके साथ विश्वासघात किया था वह उनके साथ ही रात्रिभोज में शामिल था और वह 13 नंबर की कुर्सी पर बैठा था। इसी वजह से लोग उस दिन से इन नंबर को दुर्भाग्यपूर्ण मानाने लगे।

Video : मां को मारी टक्कर तो बेटे ने किया कार चालक का ये हाल

वहीं इस नंबर को अशुभ मानने के पीछे मनोविज्ञान का कहना है कि इसे ट्रिस्काइडेकाफोबिया या थर्टीन डिजिट फोबिया कहते हैं। इसमें लोगों पर डर इस कदर हावी हो जाता है कि लोग इसे बोलने तक से कतराने लगते हैं।

अगर आप कभी फॉरेन ट्रिप पर जाएंगे तो आप पाएंगे कि अधिकतर होटलों में 13 नंबर का कोई भी रूम या फिर 13 वीं मंजिल ही नहीं है। इससे आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि होटल मालिक इन नंबर को बेहद अशुभ मानता है। कई रेस्टोरेंट्स और बार में भी आपको 13 नंबर की टेबिल नहीं दिखाई देगी।

विदेशों के अलावा भारत के चंडीगढ़ में भी आपको इसका उदाहरण देखने को मिल जाएगा। कहा जाता है कि चंडीगढ़ (Chandigarh) जवाहर लाल नेहरू के सपनों का शहर था। लेकिन यहां आपको सेक्टर 13 कहीं नहीं मिलेगा। क्योंकि इस सुनियोजित शहर का नक्शा बनाने वाले आर्किटेक्ट ने 13 नंबर का सेक्टर बनाया ही नहीं। दरअसल उस आर्किटेक्ट को विदेश से बुलवाया गया था और वह 13 नंबर को अशुभ मानता था।

Prabhat Jain

Share.