प्रवासी मजदूरों के मसीहा सोनू सूद का मंदिर बनेगा इस जगह पर  

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कभी भी सब कुछ ठीक तो नहीं रहता मगर कह सकते है कि सब ठीक सा ही था . फिर आया दहशत, अफवाह ,बेबसी और महामारी के चोले में लिपटा कोरोना नाम का वायरस . सुरते-हाल इतने बदत्तर कभी न हुए थे . शुरुआत के यह सिर्फ खबरों में रहा जिससे डर जैसा कुछ नहीं लगा सिर्फ जानकारी समझ कर पढ़ लिया गया लेकिन जब एक एक करके दुनिया के 200 से ज्यादा मुल्क इसकी जद  में आये तो इसका असली रूप सामने आया . लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी . दुनिया बंद हो चुकी थी . जी हां देश के देश लॉक डाउन की घोषणा कर चुके थे . COVID-19 उर्फ़ कोरोना एक लाइलाज महामारी के रूप में विश्व राजनीती और चिकित्सा विज्ञान के लिए चुनौती बन गया. दुनियाभर के डॉक्टर और वैज्ञानिक  इसका इलाज नहीं ढूंढ पाए.  

अर्थव्यवस्था, जीडीपी, आयात- निर्यात  और वैश्विक व्यापारिक समझौतों के साथ साथ गरीब की दो वक्त की रोटी तक ताक पर रख कर भारत सरकार ने भी लॉक डाउन का फैसला किया. हालात के मद्धेनजर यक़ीनन सही था क्योंकि सवाल मानव जीवन के अस्तित्व पर आ टिका था. 130 करोड़ हिंदुस्तानी भी दुनिया के कई मुल्को की अवाम की तरह जहाँ थे वही रुक गए .  लॉक डाउन, सेनेटॉयजर, आयसोलाशन, क्वारनटाइन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे शब्द भारत जैसे देश के कई लोगों ने अब कोरोना कि वजह से ही सुने.  चीन की बदौलत फैली यह महामारी बड़ी ही अजीब है . छूने से फैलती है. दुनिया के ज्यादातर मुल्को की तरह जब हिंदुस्तान ने भी यह निर्णय लिया की देश को 21  दिनो तक पूर्णतया बंद कर दिया जाये तो काम-काज, आना-जाना, व्यापार-व्यवसाय, स्कूल कालेज , मंदिर-मस्जिद के साथ हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी गतिविधि पूर्ण रूप से निषेध हुई. लेकिन इन सब के बीच कुछ लोग मसीहा बनकर सामने आये . उनमे डाक्टर्स, पुलिस सबसे आगे थे . इनके आलावा भी कई लोगों ने देश सेवा और मानव सेवा की भावना से खुद को इस जंग में सबसे आगे रखा.

  1. इनमे कई बड़े नाम शामिल है. ऐसा ही एक बड़ा नाम है सोनू सूद . जी हाँ  भारतीय फिल्म जगत का यह चिरपरिचित विलेन इस समय सबसे बड़े हीरो का रोल अदा कर रहा है और प्रवासी मजदूरों के लिए किसी मसीहा से कम नही है. लॉकडाउन में सबसे ज्यादा दिक्कत प्रवासी मजदूर को हुई. बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने उनका दर्द समझा और मदद के लिए हाथ बढाया. वे ट्विटर के जरिए भी त्वरित रिस्पांस कर हजारों प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचा चुके हैं. अब हर कोई सोनू सूद के काम की सराहना कर रहा है यहाँ तक की  बिहार में उनकी मूर्ति बनाने तक की बात की जा रही है. सोनू सूद की दरियादिली पर कविता, जोक्स, पोस्टर्स और उन्हें अवतार, सुपर मेन यहाँ तक की भगवान कह दिए जाने का सिलसिला चल निकला है . ख़बरों की माने तो अब एक शख्स ने सोनू सूद की सराहना करते हुए ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने बिहार के सिवान जिले में उनकी मूर्ति  और मंदिर बनवाने का जिक्र किया है .

 ट्वीट में सोनू सूद को टैग करते हुए  लिखा गया की  ‘बिहार का जिला सिवान जहां लोग आपकी मूर्ति बनवाने की तैयारी में हैं। सलाम सर बहुत-बहुत प्यार आपको। इस पर नेकदिल सोनू सूद ने जवाब में लिखा, ‘भाई उस पैसे से किसी गरीब की मदद करना। अब सोनू सूद के इस ट्वीट पर भी लगातार यूजर्स रिएक्ट कर उनकी प्रशंसा कर रहे हैं. इसके आलावा भी सोनू की मिसाल देकर देश की बड़ी हस्तियों को अपनी जिमीदारी निभाने की याद दिलाने वालो की भी कमी नही है. हाल ही में क्रिकेटर विराट कोहली को सोनू सूद से प्रेरणा लेने की बाते सोशल मीडिया पर आम हुई थी.

हिंदी तेलगु, तमिल, कन्नड़, पंजाबी में भी काम कर चुके  भारतीय सिने सितारे सोनू सूद अभी भी अपने काम में लगे हुए है और मजदुर अब उन्हें मसीहा मान चुके है. 30 जुलाई 1973 में जन्मे इस रियल लाइफ हीरो ने  साल  2009 का बेस्ट विलेन अवार्ड जीता और उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड से ही नवाजा जा चूका है . 30 जुलाई को जब सोनू सूद अपना अगला जन्मदिन मना रहे होंगे तो यकीनन यह उनका सबसे यादगार जन्मदिन भी होगा. क्योकि देशभर के लोग उन्हें दुआएं देंगे.  

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