कहीं आप तो नहीं कर रहे मुर्दों से बात?

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पितृ शांति के लिए और उनके आशीर्वाद के लिए श्राद्ध पक्ष के दौरान हिंदू रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंड दान कर रहे हैं। वहीं, विदेशों में भी हैलोवीन और घोस्ट फेस्टिवल के रूप में लोग मरे हुए लोगों को याद कर रहे हैं। अब यदि आपसे कोई कहे कि फेसबुक पर आप जिससे बातें कर रहे हैं वह शख्स एक अरसे पहले ही मर चुका है तो आप क्या करेंगे ?

जी हां, ये हकीकत है। ऐसा हो सकता है कि शायद जाने-अनजाने आप मुर्दों से बात कर रहे हैं। कई बार ऐसा देखने को मिला है कि जब किसी की मौत हो जाती है, तब भी उसके चाहने वाले, करीबी यार-दोस्त उसकी टाइमलाइन पर जाकर ऐसी बातें लिखते हैं, मानो उससे बात कर रहे हों, मानो फट से उस पर रिप्लाई आ जाएगा। ये एक भावुक समय होता है जब कोई भी अपनी दर्दभरी या दुःखभरी भावनाएं सोशल मीडिया पर शेयर करता है।कुछ समय पहले ही बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी का निधन हो गया था, परंतु मौत के चार दिन के अंदर ही उनके ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया। मदर्स डे हो या बेटी की फिल्म रिलीज़ हो श्रीदेवी लगातार सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ी हुई हैं। लोग भी उनके पोस्ट्स को पसंद करते हैं और शेयर कर रहे हैं।

आज के समय में अधिकतर लोगों को सोशल मीडिया की आदत लग गई है। लोग छोटी से छोटी चीजें सोशल मीडिया पर शेयर करना पसंद करते हैं। एक आंकड़े के अनुसार, हर दिन आठ हजार फेसबुक यूज़र्स की मौत हो रही है, जिसके चलते फेसबुक पर तीन करोड़ अकाउंट्स ऐसे लोगों के हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 2060 तक फेसबुक पर मरे हुए लोगों के अकाउंट की संख्या जीवित लोगों के अकाउंट से ज़्यादा हो जाएगी।

मरे हुए इंसान की टाइमलाइन पर सिर्फ जन्मदिन और त्योहारों की बधाई ही नहीं पोस्ट की जा रही है बल्कि उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट तक भेजी जाती हैं।

कई बार तो ऐसा भी देखने में आया है कि मरे हुए व्यक्ति के परिवार के सदस्यों द्वारा ही उस व्यक्ति का अकाउंट चलाया जाता है और चैटिंग भी की जाती है।

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