अरबी, अंग्रेज़ी के साथ पढ़ाई जा रही संस्कृत

0

एक तरफ जहां जातिगत विवाद से पूरा देश हिला है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं| देश में कई मदरसों को जहां बंद किया जा रहा है, वहीं एक मदरसा ऐसा है, जिसके किस्से दूर-दूर तक मशहूर हैं|

उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में दारुल उलूम हुसैनिया मदरसे की ताफिर करते लोग थकते नहीं हैं| यहां धर्म का बंटवारा नहीं बल्कि एकता सिखाई जाती है| अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले बच्चों के लिए यह मदरसा आधुनिक शिक्षा का केंद्र बना दिया गया है| यहां विज्ञान, गणित, अंग्रेज़ी, अरबी के साथ-साथ हिन्दी और यहां तक कि संस्कृत भाषा भी पढ़ाई जा रही है|

यह शायद देश का पहला मदरसा होगा, जहां दूसरी भाषाओं के साथ-साथ संस्कृत भी पढ़ाई जाती है| बड़ी बात यह है कि संस्कृत एक मुस्लिम शिक्षक द्वारा पढ़ाई जाती है| यह मदरसा उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत चलाया जाता है|

Share.