राजस्थान के मंदिरों में 5 दिनों से नहीं पहुंचा भोग 

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जीएसटी के माध्यम से टैक्स की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाने का दावा करने वाली सरकार के फेर में आम नागरिक और व्यापारी तो आए ही हैं, लेकिन अब इससे भगवान भी अछूते नहीं है| अब भगवान के भोग पर भी जीएसटी का असर देखा गया है|

मामला राजस्थान के उदयपुर का है| यहां के छह मंदिरों में बीते 5 दिनों से भगवान को भोग नहीं मिला है| बताया जा रहा है कि देवस्थान प्रबंधन विभाग की लापरवाही के कारण मंदिरों तक भोग की सामग्री नहीं पहुंची| इस कारण भगवान को केवल वही खाने को मिल रहा है, जो भक्त लेकर आ रहे हैं| इसके लिए व्यवस्था करने वाली समिति ने अब हाथ खड़े कर दिए हैं|

मामले में देवस्थान विभाग का कहना है कि जीएसटी के कारण सहकारी उपभोक्ता भंडार से भोग सामग्री नहीं मिल पा रही है| वहीं उपभोक्ता भंडार के अधिकारी देवस्थान विभाग पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इन दोनों विभागों के फेर में भगवान फंस गए हैं|

ये 6 मंदिर हैं प्रभावित

उदयपुर के छह मंदिर, जगत शिरोमणि मंदिर, मंदिर श्री श्यामसुंदरजी, वृंदावन चंद्रमाजी, मंदिर श्री मदनमोहनजी, मथुराधीशजी और गोकुल चंद्रमाजी मंदिर राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के अंतर्गत आते हैं| इन मंदिरों की देखरेख का जिम्मा देवस्थान विभाग का है| देवस्थान विभाग का आरोप है कि 8 जुलाई के बाद भी जुलाई महीने का भोग मंदिर में नहीं पहुंच पाया है, जबकि यह 30 जून तक मंदिरों के पास पहुंच जाना चाहिए था| भोग सामग्री नहीं पहुंच पाने के कारण मंदिर के पुजारी भगवान को भोग नहीं लगा पा रहे हैं| मामला उछलने के बाद देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जतिन गांधी ने कहा कि जीएसटी वेरिफिकेशन की वजह से उपभोक्ता भंडार से भोग के लिए सामान नहीं मिल पाया था, लेकिन जल्द ही भोग सामग्री मंदिरों में भेजी जाएगी|

आरोपों से किनारा

सहकारी उपभोक्ता भंडार देवस्थान विभाग के आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है| उदयपुर सहकारी उपभोक्ता भंडार के महाप्रबंधक आशुतोष भट्ट का कहना है कि जीएसटी की वजह से ग्राहकों को सामान नहीं देने का आरोप गलत है| सभी 17 भंडारों से हर रोज सेल हो रही है| अगर देवस्थान विभाग ठाकुरजी के लिए सामान लेने आता तो हम जरूर देते|

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