पोर्न वीडियो आपके साथ ही धरती के लिए भी हानिकारक

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साल 2015 में अमेरिका और इंग्लैंड के बाद आने वाले कनाडा को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व का तीसरा सबसे ज्यादा पोर्न देखने वाला देश बन गया है।  कहा जाता है कि पोर्न वीडियो (Watching Porn May Harm Earth ) देखने की लत एक तरह की बीमारी है| कई बार लोग इस साइट्स पर दिखाई जाने वाली चीजों को वास्‍तविकता में आजमाने लगते हैं, जिसका असर आपकी सेक्‍स लाइफ को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। अब एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि पोर्न वीडियो आपके स्वास्थ्य के साथ ही धरती के लिए भी खतरा हैं |

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आप सोच रहे होंगे कि पोर्न वीडियो से धरती को किस तरह खतरा (Watching Porn May Harm Earth ) हो सकता है तो हम आपको बता दें कि ऑनलाइन पोर्नोग्राफी की स्ट्रीमिंग से यूरोप के देश बेल्जियम के बराबर कॉर्बन डाइऑक्साइड (CO2) प्रड्यूस हो रही है यानी बेल्जियम जितना कॉर्बन डाइऑक्साइड प्रड्यूस कर रहा है, उतनी ही CO2 ऑनलाइन पोर्नोग्राफी की स्ट्रीमिंग से निकल रही है। फ्रांस के थिंक टैंक ‘द शिफ्ट प्रोजेक्ट’ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल टेक्नोलॉजी ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन  (उत्सर्जन) का 4 प्रतिशत पैदा करती है और यह आंकड़ा साल 2025 तक बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाएगा।

इस रिपोर्ट में केवल ऑनलाइन वीडियो से होने वाले कार्बन उत्सर्जन  का अनुमान लगाया है। इसके लिए रिसर्चर्स ने फोन और टीवी से लेकर दूसरे डिवाइसेज तक इस वीडियो डेटा को पहुंचाने में लगने वाली बिजली को अनुमानित किया है। इसके बाद इन लोगों ने कुल उत्सर्जन का अनुमान लगाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन का ग्लोबल एवरेज निकाला।

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हर साल हो रही वृद्धि

एक रिसर्च के अनुसार, डिजिटल टेक्नोलॉजी से होने वाले एनर्जी कंजंप्शन में सालाना 9 प्रतिशत की वृद्धि हो रही  है और दुनियाभर के डेटा फ्लो का 60 प्रतिशत ऑनलाइन वीडियो से आता है। इस रिपोर्ट में शामिल किए गए वीडियो में Skype और इसके जैसे दूसरे वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज को अलग रखा गया था। इनको शामिल करने से वर्ल्ड डेटा फ्लो 60 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो जाता।

8K रेजॉलूशन और दूसरे हाई क्वालिटी वाले वीडियो आने से कार्बन उत्सर्जन में और बढ़त होने की संभावना है। वहीं Google Stadia जैसे गेम स्ट्रीमिंग सर्विस भी हालात को और खराब करने का ही काम करेंगे।

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बचाव के लिए सुझाव

द शिफ्ट प्रॉजेक्ट ने इस उत्सर्जन को कम करने के लिए दो सुझाव दिए हैं| पहला, सबसे जरूरी है कि ऑनलाइन वीडियोज (Watching Porn May Harm Earth ) के ऑटो प्ले को बंद रखा जाए और दूसरा जब ज़रूरी हो तभी HD क्वालिटी के वीडियोज़ को ट्रांसमिट किया जाए। उदाहरण के तौर पर आज के समय में कुछ डिवाइस ऐसे हैं, जो इंसानी ज़रूरत से ज्यादा हाई रेजॉलूशन डिस्प्ले देते हैं।

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