मध्यप्रदेश की जेल में बंद कैदियों को रिहा करने के आदेश

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प्रदेश सरकार ने अपनी जेलों में बंद कैदियों को तत्काल प्रभाव से रिहा करने के आदेश जारी किए हैं। इन कैदियों को 45 दिन के लिए रिहा किया जाएगा(Madhya Pradesh Prisoners Released)। कैदियों को रिहा करने के आदेश उन कैदियों के लिए हैं, जिनकी सजा 05 साल तक की है। जघन्य अपराध वाले कैदियों को इस श्रेणी में नहीं रखा गया है।

कोरोना वायरस(Corona Virus Outbreak) के बढ़ते खतरे को देखते हुए डीजी जेल ने यह आदेश जारी किए हैं। 45 दिन बाद सभी कैदियों को वापस जेल में ही लौटना होगा।

Madhya Pradesh Prisoners Released
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में भी इसे लेकर सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने जेल में बंद कैदियों की कोरोना से सुरक्षा के इंतजामों पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई सुनवाई में कहा था कि ‘‘संविधान के अनुच्छेद 21 में मिले जीवन के अधिकार के तहत यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कोरोना संक्रमण(Corona Virus Cases In Madhya Pradesh) जेलों में न फैले। कोर्ट ने जेलों में भीड़ कम करने के लिहाज से ये आदेश जारी किए थे ताकि कैदियों के बीच निश्चित दूरी सुनिश्चित हो और उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके।‘

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे(Sharad Arvind Bobde) की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने आदेश में कहा है कि ‘‘जेलों में क्षमता से ज्यादा भीड़ गंभीर चिंता का मुद्दा है। विशेषतौर पर कोरोना महामारी को देखते हुए। कोर्ट ने प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को एक हाईपावर कमेटी गठित करने का आदेश दिया था। इस कमेटी में स्टेट लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष, प्रिंसिपल सेक्रेटरी गृह या जेल और डीजीपी कारागार शामिल थे।
कोर्ट ने कहा था कि यह हाईपावर कमेटी तय करेगी कि किस श्रेणी के कैदियों को अंतरिम जमानत या पैरोल पर कितने समय के लिए रिहा किया जा सकता है।
इससे पहले ईरान में बड़ी संख्या में कैदियों की रिहाई की गई थी। वहीं दूसरे देशों की जेलों से भी कैदियों को रिहा किया गया था। भारत में भी अधिकांश राज्यों ने अपने कैदियों को फिलहाल रिहा किया है(Madhya Pradesh Prisoners Released)

-Rahul Kumar Tiwari

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