प्रेरणादायी है पढ़ने का यह जज्बा

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शिक्षा पाना हर इनसान का अधिकार माना जाता है, लेकिन बहुत से लोगों के लिए पढ़ाई एक सपने जैसी है और सपने पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती| ऐसे ही एक बुजुर्ग हैं, जिन्होंने 73 वर्ष की उम्र में पढ़ने के सपने को पूरा करने की ठानी और आज वे 5वीं कक्षा के छात्र हैं|

मिजोरम के चम्फाई जिले के न्यू रुआईकॉन गांव में 73 साल के एक बुजुर्ग स्कूल जाकर पढ़ाई करते हैं| बुजुर्ग का नाम लालरिंगथारा है| लालरिंगथारा ने गांव के एकमात्र माध्यमिक स्कूल में 5वीं कक्षा में एडमिशन लिया है| वे रोज़ सुबह स्कूल जाते हैं| स्कूल में वे पीटी भी करते हैं और फिर घर आकर होमवर्क भी|

लालरिंगथारा उम्र के इस पड़ाव में अपने बचपन के सपने को पूरा करने में लगे हैं| दरअसल 1945 में भारत-म्यांमार बॉर्डर के करीब खुआंगलेंग गांव में जन्मे लालरिंगथारा ने दो साल की उम्र में ही अपने पिता को खो दिया| पिता के जाने के बाद वे अपनी मां का सहारा बन गए| बचपन से ही वे काम में मां का हाथ बंटाने लगे और शिक्षा से दूर हो गए| बाद में वे घर चलाने के लिए इधर-उधर नौकरियां करने लगे, लेकिन पढ़ने का सपना मात्र एक सपना बनकर रह गया|

लालरिंगथारा आज अपने सपने को जी रहे हैं| अपने से 60 वर्ष छोटे बच्चों के साथ पढ़ने में उन्हें थोड़ा अजीब तो लगता है, लेकिन अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने इस हिचक को भी दूर किया है| लालरिंगथारा को अंग्रेजी में बड़ा लगाव है और वे हमेशा से यह सीखना चाहते हैं| सीखने के इस जुनून ने लालरिंगथारा को 73 साल का स्टूडेंट बना दिया है, जो सभी के लिए प्रेरणा हैं|

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