एक ऐसा गाँव जहा हर किसान कमाता है 70 लाख से ज्यादा

0

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत (Richest Village Madavag) जैसे देश में, जहां कुल आबादी का लगभग 70% प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, किसान आत्महत्या के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। देश में कुल आत्महत्याओं का 11.2% हिस्सा किसानों की है जो आत्महत्या कर रहे हैं इन आत्महत्याओं के पीछे कई कारण हैं जिनमे प्रमुख है अनियमित मौसम की स्थिति, ऋण बोझ, परिवार के मुद्दों तथा समय-समय पर सरकारी नीतियों में बदलाव।भारत में किसान आत्महत्याओं ने पिछले कुछ समय की अवधि में काफी वृद्धि देखी है। इसके मुख्य कारण मौसम की स्थिति, उच्च ऋण, महंगाई ,स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों, व्यक्तिगत समस्याएं, सरकारी नीतियों आदि में बढ़ती असमानता हैं.

सांची दूध में मिलावट, मिला इतना ज्यादा यूरिया कि…  

एक ऐसा गाँव जो पूरे देश के किसानो के लिए मिसाल बना हुआ है

एक ऐसा गाँव जो पूरे देश के किसानो के लिए मिसाल बना हुआ है हिमाचल प्रदेश का एक गांव ऐसा है जिसको सरकार की नीतियों से कोई फर्क नहीं पड़ता वहा के किसान आत्महत्या करने वाले किसानो के लिए एक मिसाल है। जी हां शिमला का नाम तो आपने सुना होगा। शायद गए भी होंगे। वहा कि बर्फ भी देखी होगी। वहां से लगभग 92 किलोमीटर दूर एक गांव है। जहां के किसानों ने गजब का काम किया है।#Shimla #BestApples #HimachalPradesh

Talented India News द्वारा इस दिन पोस्ट की गई शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

आपको (Richest Village Madavag) बता दें की नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के अनुसार 2014 से लेकर 2016 यानी 3 वर्ष के बीच कुल 36,341 किसानों ने आत्महत्या की. वर्ष 2014 में 12,360, 2015 में 12,602 और 2016 में 11,379 किसानों ने आत्महत्या की है. एनसीआरबी की 2016 की ‘एक्सिडेंटल डेथ एंड सुसाइड’ रिपोर्ट में सामने आया है कि हर महीने 948 या फिर कहें तो हर दिन 31 किसानों ने आत्महत्या की एनसीआरबी के ही आंकड़ों के अनुसार, 1995 से लेकर 2016 तक एक कृषि प्रधान देश में कुल 3,29,907 किसानों ने आत्महत्या की. इतनी बड़ी कृषि आबादी का मरना हमारी सरकारों की आर्थिक नीतियों पर प्रश्न उठाता है. इसलिए 2015 के बाद सरकार ने किसानों की आत्महत्या के संदर्भ में जारी होने वाली रिपोर्ट पर रोक लगा दी थी

इन 4 चीजों को चाय में डालें और सर्दी-खांसी दूर भगाए

India's Most Richest Village Madavag In Shimla By Farmersलेकिन इन सबके बीच हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का एक गांव (Richest Village Madavag) ऐसा है जिसको सरकार की नीतियों से कोई फर्क नहीं पड़ता वहा के किसान आत्महत्या करने वाले किसानो के लिए एक मिसाल है। जी हां शिमला (Shimla) का नाम तो आपने सुना होगा। शायद गए भी होंगे। वहा कि बर्फ भी देखी होगी। वहां से लगभग 92 किलोमीटर दूर एक गांव है। जहां के किसानों ने गजब का काम किया है। साल 2019 की बात है। मड़ावग भारत (Richest Village Madavag) के सबसे अमीर गांव में शूमार था। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के किसानों ने सेबों की खेती की। इसका उत्पादन किया। सालाना करीब 7 लाख पेटी सेब का उत्पादन किया, जिसने किसानों को रईस बना दिया।

आपको बता दें की इस गांव (Richest Village Madavag) में ना ही कोई उद्योगपति है और ना ही नामी कंपनियों मे काम करने वाले लोग। यहां हर परिवार की सालाना आमदनी 70 से 75 लाख रुपये है। साल 1990 में एक किसान ने प्रयोग किया था। वो सफल रहा। लिहाजा उसके बाद यहां लोग सेबों की खेती करने लगे। मड़ावग के सेब का साइज बहुत बड़ा है। इन सेबों की क्वालिटी इतनी अच्छी है कि यह जल्दी खराब ही नहीं होते। बच्चों की तरह लोग अपने सेब के बागानों की देखभाल करते हैं।

India's Most Richest Village Madavag In Shimla By Farmersकई दफा ओले पड़ जाते हैं। (Richest Village Madavag) बर्फ मात्रा से ज्यादा पड़ जाती है तो किसान सेबों के पेड़ों पर नेट लगाते हैं। रात-रात भर जागकर उनकी रखवाली करते हैं। इंटरनेट के कारण किसानों को काफी फायदा हुआ है। वो रेट, वहीं बैठे-बैठे पता कर लेते हैं। फिर अपने सेबों को उचित दामों पर बेचते हैं। मड़ावग के किसानों ने बेस्ट क्वालिटी का सेब (best quality apple) उगाया। यहां रॉयल एप्पल, रेड गोल्ड, गेल गाला जैसी सेब की बेस्ट क्वालिटी उगाई जाती हैं। साल 1989 तक यहां सेबों का नामो निशान तक नहीं था।

-Mradul tripathi

Share.