आधार कार्ड नहीं तो अंतिम संस्कार नहीं

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आधार कार्ड को लेकर लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है| हर जगह आधार कार्ड मांगने पर हम यह सहज रूप से कह देते हैं कि आधार कार्ड के बिना तो जीना मुश्किल हो गया है, परंतु अब समय ऐसा आ गया है कि आधार कार्ड बिना मरना भी मुश्किल हो गया है| जी हां, यह मजाक नहीं है| यदि वाराणसी में अंतिम संस्कार करना है तो मृतक व्यक्ति का आधार कार्ड दिखाए बिना आपको अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जाएगा|

खबर काशी से है, जहां मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है इसलिए यदि आप किसी अपने के अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं तो उनका आधार कार्ड भी अपने साथ ले जाना पड़ेगा|

राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) के सहयोग से काशी में नई व्यवस्था शुरू की गई है। शव वाहिनी मोटरबोट की सुविधा उसे ही मिलेगी, जिसके पास मृतक से संबंधित पहचान -पत्र मौजूद हों। दरअसल, वाराणसी में बिहार और आसपास के जिलों से भी शव लेकर लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। नई व्यवस्था के तहत अब शव लेकर लोग पहले भैंसासुर घाट जाते हैं और वहां से शव वाहिनी मोटरबोट से मणिकर्णिका या हरिश्चंद्र घाट पर ले जाते हैं|

इस व्यवस्था को लागू करने के पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि हत्या, दहेज हत्या, रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में भी लोग चोरी-छिपे शव लेकर बनारस आ रहे हैं और अंतिम संस्कार करके चले जा रहे हैं। नवंबर, 2017 में फरीदाबाद (हरियाणा) में भी अंतिम संस्कार के लिए आधार अनिवार्य किया गया था।

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