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यहां आते ही रोने लगती हैं प्रेत आत्माएं, मिलती है मुक्ति

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आज के इस दौर में भूत-पिशाच, जादू-टोना और काले जादू जैसी चीज़ों में कोई भी विश्वास नहीं रखता, लेकिन अभी भी भारत में कई ऐसे लोग हैं जो इन सभी चीज़ों पर विश्वास करते हैं। भारत में अंधविश्वास की जड़ें भी काफी गहराई तक फैली हुई हैं। हालांकि इन सभी के बीच देश में कई ऐसे मंदिर भी मौजूद हैं जहां आज भी जादू-टोना किया जाता है और लोगों को बुरी आत्माओं की कैद से मुक्ति दिलाई जाती है। यह बात कितनी सच है यह तो वहां जाने के बाद ही पता चल सकती है लेकिन कई मंदिरों में आज भी लोगों के ऊपर से बुरी आत्माओं के साए को भगाया जाता है। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ मंदिरों के बारे में जहां भूत, पिशाच और बुरी आत्माएं भी रोने लगती हैं।

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बेताल मंदिर

इस क्रम में सबसे पहले जिस मंदिर का नाम सामने आता है वह है उड़ीसा के भुवनेश्वर में स्थित बेताल मंदिर (Baitala Deula)। इस मंदिर में मां चामुंडा की मूर्ती विराजित है और इस मंदिर में बुरी शक्तियों को भगाने के लिए तांत्रिक शक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है।

काली घाट मंदिर

देश में सबसे ज्यादा तंत्र साधना बंगाल में की जाती है। बंगाल के कोलकाता में काली घाट मंदिर (Kalighat) स्थित है। बंगाल के इस मंदिर में तंत्र-साधना सिखाई जाती है।

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कामाख्या मंदिर

अगर तांत्रिकों की बात की जाए तो असम के कामाख्‍या मंदिर (Kamakhya Temple) में इनकी भारी तादात देखी जा सकती है। इस मंदिर में हर वक़्त तांत्रिकों का जमावड़ा रहता है और यहां भूत-पिशाचों से मुक्ति दिलाई जाती है।

काल भैरव मंदिर

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में काल भैरव (Kal Bhairav temple) का मंदिर है जहां शाम को पूजा की जाती है। इस मंदिर में देश के कौने-कौने से तांत्रिक तंत्र-मंत्र का जाप करने और सिद्धियां प्राप्त करने आते है।

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मेहंदीपुर बालाजी

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर (Mehandipur Bala Ji Temple) को हर कोई जानता है। यह मंदिर राजस्थान के मेहंदीपुर में स्थित है। इस मंदिर में भी ऊपरी बाधाओं को दूर किया जाता है। इस मंदिर के अंदर का नज़ारा देखकर हर कोई चौंक जाता है। इस मंदिर के दर पर पहुंचते ही बड़ी से बड़ी प्रेत-आत्माएं रोने लगती हैं। इस मंदिर में किसी भी प्रकार की और बड़ी से बड़ी प्रेत-बाधा को दूर किया जाता है।

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