90 की उम्र में भी कर दिखाया ऐसा काम

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हौसलों के आगे उम्र फीकी पड़ जाती है| यदि हौसला बुलंद हो तो कोई भी काम आसान हो जाता है| ऐसे ही एक 90 वर्ष की महिला ने कारनामा कर दिखाया है| महिला ने 90 वर्ष की उम्र में साक्षर होकर इतिहास में अपनी जगह बना ली है|

बताया जा रहा है कि तिरुवनंतपुरम  के वायनाड गांव में रहने वाली 90 वर्ष की माक्का ने पहली बार परीक्षा दी| जब वह परीक्षा दे रही थी तो वह नहीं जानती थी कि वह ऐसे साक्षरता कार्यक्रम का हिस्सा बन रही हैं, जो केरल में आदिवासियों की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है|

केरल में साक्षरता अभियान प्राधिकरण द्वारा आयोजित साक्षरता परीक्षा ली जा रही है, जिसमें कम उम्र के लोग और अधिक उम्र के लोग हिस्सा लेकर साक्षर बन रहे हैं| इस परीक्षा में बैठने वाली माक्का सबसे उम्रदराज स्‍टूडेंट थीं जबकि 16 साल की लक्ष्मी एग्‍जाम देने वाली सबसे युवा स्‍टूडेंट रहीं| यह परीक्षा तीन चरणों रीडिंग, राइटिंग और मैथ्‍स में हुई|

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