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इस महिला की आंखों से आंसू नहीं बल्कि गिरते हैं क्रिस्टल

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दुनिया भर में तमाम तरह की बीमारियां हैं जिनका इलाज आज भी किसी डॉक्टर के पास नहीं है। कई ऐसे किस्से देखने व सुनने को मिल चुके हैं कि कई लोगों को इतनी अजीबो-गरीब तरह की बीमारियां हो जाती हैं कि इन्हें देख खुद डॉक्टर भी हैरानी में पड़ जाते हैं (Armenian Woman Crying Crystals Tears)। ऐसा ही एक बेहद ही अजीबो-गरीब मामला आर्मेनिया (Armenia) के स्‍पेंडरियन से सामने आया है जहां की रहने वाली 22 वर्षीय सैटनिक काजारियन (Satenik Kazaryan) की आंखों में आंसू नहीं बल्कि उसकी क्रिस्टल आते हैं। जी हां आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा कि उनकी आंख आंसू नहीं बहते जबकि उसकी जगह पर क्रिस्टल उनकी आंख से गिरते हैं।

शब्द जिनकी आवाज नहीं सिर्फ इशारे है

सैटनिक काजारियन (Satenik Kazaryan) की इस बीमारी से खुद डॉक्टर भी हैरान हो गए हैं। डॉक्टरों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर सैटनिक को कौन सी बीमारी हुई है। हालांकि डॉक्टर्स लगातार उनकी इस बीमारी के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं और लगातार उनकी जांच भी की जा रही है। डॉक्टर सैटनिक की आंख से गिरे क्रिस्टल की भी जांच कर रहे हैं और इस बात का पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ये क्रिस्‍टल किन चीजों से बने हैं (Armenian Woman Crying Crystals Tears)। सैटनिक कहते हैं कि इस बेहद ही विचित्र तरह की बीमारी से उनका जीवन जीते-जी नर्क बन चुका है। आर्मेनिया एक देश है जो सोवियत रूस से अलग होकर बना है।

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सैटनिक काजारियन (Satenik Kazaryan) एक बच्चे की मां है और वे एक बेहद गरीब किसान परिवार से हैं। गरीब परिवार से होने की वजह से वे इस बीमारी का महंगा इलाज नहीं करा सकती। उन्होंने बताया कि जब पहली बार उनकी आंख से क्रिस्टल गिरा तो वे उसे लेकर नेत्र विशेषज्ञ के पास गई। हालांकि पहले तो डॉक्टर को भी इस बात का विश्वास नहीं हुआ कि उनकी आंख से आंसू नहीं बल्कि क्रिस्टल गिरते हैं। हालांकि बाद में इसे जांच के लिए भेजा गया। सैटनिक का कहना है की पहले तो दवा से उसे थोड़ी राहत हुई थी लेकिन अब पहले से ज्यादा मात्रा में क्रिस्टल निकलना शुरू हो गए हैं।

सैटनिक ने यह भी बताया कि डॉक्टर्स अभी तक उनकी बीमारी को समझ नहीं पाए हैं और ना ही जांच में कुछ सामने आया है। इस वजह से अभी तक इलाज भी शुरू नहीं किया जा सका है। इस बारे में आर्मेनिया के डिप्‍टी हेल्‍थ मिनिस्‍टर ओगेंस अरूटुयन (Oganes Arutyunyan) का कहना है कि यह केस पहली बार देखने को मिला है। इसलिए इस बीमारी के बारे में कुछ कहना अभी सही नहीं है। फिलहाल इसका अध्ययन किया जा रहा है और हम इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर में मरीज के साथ क्या हो रहा है।

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Prabhat Jain

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