मनिपाल: देश का पहला पी नल फेनोटाइप ब्लड ग्रुप

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भारत में डॉक्टरों को एक रेयर ब्लड ग्रुप के व्यक्ति का पता चला है| वह देश का पहला व्यक्ति बन गया है, जिसमें रेयर ब्लड ग्रुप मिला है| कर्नाटक के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल ने इस ग्रुप का पता लगाया है| इस ब्लड ग्रुप का नाम ‘पीपी या पी नल फेनोटाइप’ है|

डॉक्टरों ने बताया कि इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ, जब मरीज को तत्काल खून चढ़ाए जाने की जरूरत पड़ी| उसे इमरजेंसी की हालत में अस्पताल लाया गया था| जब हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में मरीज का सैंपल लिया और उसके ब्लड की जांच की गई तो डॉक्टरों को ब्लड ग्रुप का पता नहीं चल सका| इसके बाद कुल 80 बार सैंपल की जांच की, लेकिन ब्लड ग्रुप पता नहीं चल सका तो डॉक्टर भी हैरान हो गए|

ब्लड ग्रुप का पता लगाने के लिए डॉक्टरों की लंबी टीम इस काम में जुट गई लेकिन किसी को कुछ भी पता नहीं चल सका| अंत में परेशान होकर डॉक्टरों को मरीज के ब्लड सैंपल यूके की इंटरनेशनल ब्लड ग्रुप रेफरेंस लैबोरेटरी में भेजने पड़े| यूके के डॉक्टरों ने बताया कि मरीज के ब्लड में पी नल फेनोटाइप सेल्स हैं|

मणिपाल एकेडमी हायर एजुकेशन की प्रो वाइस चांसलर डॉ.पूर्णिमा बलिगा ने बताया कि यह पहला मामला है, जब पता लगा हो कि नल फेनोटाइप का पी ब्लड ग्रुप का कोई व्यक्ति भारत में मिला हो| डॉक्टर ने उस ब्लड बैंक के सदस्यों को भी सराहा, जिन्होंने ब्लड की जांच के लिए इतने प्रयास किए|

पी नल फेनोटाइप – रेयर ब्लड ग्रुप

इम्युनो हेमेटॉलजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूझन डिपार्टमेंट के हेड प्रोफेसर शामी शास्त्री ने कहा, “मरीज के शरीर में बहुत ही रेयर ब्लड ग्रुप पी नल फेनोटाइप और ऐंटी पीपी 1 पीके ऐंटी बॉडी ब्लड पाया गया है| मरीज के ब्लड ग्रुप का खून नहीं मिल पाने से बाद में हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर किरण आचार्य की टीम ने मरीज की सर्जरी बिना ब्लड ट्रांसफ्यूझन किए ही की|

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