70 साल की महिला ने दिलाई धुएं से राहत

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चूल्हे के धुएं से परेशान होकर एक महिला की ज़िंदगी गुजर रही थी, आंखें भी पथरा गई थी, धुएं की वजह से सांस फूलने की बीमारी भी साये की तरह साथ चल रही थी| इसके बाद महिला ने सरकारी योजना की मदद से खुद तो धुएं से छुटकारा पाया ही, साथ ही अन्य महिलाओं को भी धुएं से राहत दिलाई|

दरअसल, मध्यप्रदेश के सीहोर के ससली गांव में रहने वाली 70 वर्षीय उर्मिला की ज़िंदगी धुएं के गुबार के बीच चल रही थी| उसे उम्मीद भी नहीं थी कि कभी वह इस जहरीले धुएं से राहत पाएगी, लेकिन जब उसने केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के बारे में सुना तो थोड़ी सी कोशिश के बाद ही उनके घर पर गैस चूल्हा आ गया|

उर्मिला को धुएं से राहत मिली तो उसने अपनी ही तरह अन्य महिलाओं को भी गैस कनेक्शन दिलवाने की मुहिम शुरू कर दी| उन्होंने घर-घर जाकर महिलाओं को समझाया| ऐसे ही धीरे-धीरे पूरा गांव धुआं मुक्त बन गया| मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने गांव को मध्यप्रदेश का पहला धुआं मुक्त गांव घोषित किया| गांववालों का कहना है कि हमें गर्व है कि हमारा गांव प्रदेश का पहला धुआं मुक्त गांव बना है, सभी गांव वालों की सहयोग से ही यह हो पाया है|

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