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घर का वास्तु दोष बन सकता है आत्महत्या का कारण

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अधिकतर लोग अपने जीवन से निराश और हताश होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेते हैं। कई बार हमारे दिन की शुरुआत ही ऐसी खबर के साथ होती है कि उक्त व्यक्ति ने किसी कारण की वजह से आत्महत्या कर ली। ऐसी खबर को सुनकर हमारा मन भी विचलित हो जाता है और कई बार हमारा किसी काम में मन भी नहीं लगता। मन में सिर्फ वही बातें घूमती रहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल जीवन से हताश और निराश लोग ही आत्महत्या (Vastu Dosh Responsible For Suicidal Tendency) नहीं करते। बल्कि ऐसे लोग भी आत्महत्या करते हैं जो अपने जीवन में सुखी है और काफी खुश भी रहते हैं।

जब इस तरह के लोग आत्महत्या जैसा कदम (Vastu Dosh Responsible For Suicidal Tendency) उठाते हैं तो सभी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर उस व्यक्ति ने ऐसा कैसे किया? उसके ऐसा करने के पीछे आखिर क्या कारण था? दरअसल घर में उतपन्न वास्तु दोष भी इंसान को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करता है। तो चलिए जानते हैं उस वास्तु दोष के बारे में।

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वास्तुशास्त्र की माने तो यदि घर का मुख्य दरवाजा अग्नेय कोण में हो और इसके अलावा ईशान दिशा का कटाव हो तो यह वास्तुदोष (Vastu Dosh Responsible For Suicidal Tendency) घर के किसी भी सदस्य को आत्महत्या के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा घर की वायव्य दिशा में कभी भी पानी का स्रोत नहीं होना चाहिए।

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जिस व्यक्ति के घर के दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजा होने के साथ घर की पश्चिम दिशा की तरफ ढलान हो तो ऐसे लोगों को बात-बात पर आत्महत्या करने का विचार आता है। यदि घर की नैऋत्य दिशा, ईशान दिशा से नीची होती है और इस दिशा में कुंआ हो तो भी घर के किसी सदस्य की मृत्यु आत्महत्या या बीमारी की वजह से होती है।

जिस घर का मुख्य दरवाजा पूर्व दिशा में या फिर आग्नेय कोण की ओर होता है और घर की ईशान दिशा कटती है तो ऐसे घर के सदस्य आत्महत्या के निर्णय के बारे में जरा भी सोच-विचार नहीं करते। इसके अलावा ऐसे घर के सदस्य कानून विवाद में भी फंस जाते हैं।

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