पूर्ण चंद्रग्रहण ने बढ़ाया श्रावण मास का महत्व

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गुरुपूर्णिमा के साथ ही श्रावण मास का आगाज़ शनिवार को पूर्ण आस्था और उत्साह के बीच हो गया| अलग -अलग शिवालयों में अलसुबह से ही शिवभक्तों का तांता लगना शुरू हो गया| श्रावण मास के पहले दिन शिवभक्तों ने दूध, दही, शहद, जल और विशेष प्रकार की सामग्री से भगवान शिव का अभिषेक किया| श्रावण मास की शुरुआत के साथ शिवालय पहुंचे भक्तों ने कहा कि भगवान शिव की आराधना यूं तो वर्षभर की जाती है, लेकिन यह पूरा माह विशेष है, जब भगवान शिव भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं |

पार्थिव शिवलिंग का निर्माण शुरू

श्रावण मास के प्रारम्भ के साथ ही शिवालयों में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भी शुरू हो गया है| परदेशीपुरा स्थित गेंदेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में प्रतिदिन 11  हजार पार्थिव शिवलिंग निर्माण भक्तों ने शुरू कर दिया है| मंदिर संचालन समिति के राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग निर्माण का कार्य साल के 365 दिन किया जाता है, जबकि सावन माह में भक्तों के उत्साह को देखते हुए ऐसे वृहद स्तर पर किया जा रहा है | खासतौर पर महिला शिवभक्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण में जुट गई है|

पूर्ण चंद्रग्रहण ने बनाया अद्भुत संयोग- श्रावण मास

श्रावणमास के पहले दिन की शुरुआत पूर्ण चंद्रग्रहण के अद्भुत संयोग से हुई है| इससे शिवभक्तों में विशेष उत्साह का वातावरण बन गया है| पंडित विश्वजीत शर्मा ने बताया कि ऐसा काम ही देखने में आया है कि श्रावण मास की शुरुआत पूर्ण चंद्रग्रहण के अद्भुत संयोग से हो | श्रावण मास में की गई शिव वंदना भक्तों के लिए मनोकामना पूर्ण करने वाली है, जो भक्त सालभर भक्ति नहीं कर पाते, उनके लिए एक माह की भक्ति उनके जीवन में सकारात्मक फल देती है|

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