मनोकामना पूर्ति के लिए भोलेनाथ को चढ़ाएं ये फूल

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भगवान भोलेनाथ की भक्ति का महीना अब ख़त्म होने जा रहा है। सावन का आखिरी सोमवार 12 अगस्त को है और इस दिन भगवान भोलेनाथ को जल चढाने के लिए दूर-दूर से कावड़िये कावड़ लेकर शिव के धाम पहुंचेगे। वैसे तो पूरे सावन माह में भगवान भोलेनाथ को जल चढाने और और उनकी भक्ति का सिलसिला चलता है लेकिन सोमवार को इसका विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति करने से मुक्ति के द्वार खुल जाते हैं।

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शिव शंकर में पूरी सृष्टि समाहित है। कहा जाता है कि यदि भगवान शिव का पूजन पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से किया जाए तो वे बेहद जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं। अगर भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करनी हो तो उनकी पूजा-आराधना करते वक़्त कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए। इन बातों को ध्यान में रख कर हम अपना और अपने परिवार का कल्याण कर सकते हैं। वैसे तो भगवान भोलेनाथ की पूजा करते वक़्त उन्हें फूल चढ़ाए जाते हैं। फूलों को चढ़ाकर भी हम अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं।

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भगवान भोलेनाथ को अलग-अलग फूल चढाने का अलग महत्व होता है और इसके फल भी भिन्न-भिन्न होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि भोलेनाथ को किस फूल के चढाने से क्या फल प्राप्त होता है। शास्त्रों की माने तो शिवलिंग पर यदि चमेली का फूल चढ़ाया जाए तो वाहन सुख की प्राप्ति होती है। यदि अलसी के पुष्प श्रद्धाभाव से शिवलिंग पर अर्पित किए जाएं तो भोलेनाथ के साथ उसे भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त होती है। अगर आप अपने शत्रु पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं तो राई का फूल चढ़ाना सर्वोत्तम होता है। हर मनोकामना पूर्ती के लिए बेल-पत्र चढ़ाए जाते हैं और यह भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय होते हैं।

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अगर मोक्ष प्राप्ति की कामना आपके मन में है तो शिवलिंग पर शमी पत्रों को चढ़ाना चाहिए। वहीं यदि मदार के पुष्पों से भोलेनाथ की पूजा की जाए तो नेत्र व हृदय विकार से मुक्ति मिल जाती है। धतूरा भी भगवान भोलेनाथ को अतिप्रिय होता है और इसको चढाने से विषैले जीवों से खतरा नहीं रहता है। मनचाहे जीवनसाथी की चाह रखने वालों को बेला के फूलों से शिव शंकर की पूजा करनी चाहिए। घर में धन-धान्य की आपूर्ति बनाए रखने के लिए जूही का फूल शिव शंकर को अर्पित करना चाहिए।

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