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आइए जानते हैं कुंडली के आठवें भाव के बारे में 

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आठवां भाव ज्योतिष में हमेशा से एक गहन भाव रहा है | इस भाव के साथ जितनी अधिक विस्मिता और रहस्य जुड़े हुए हैं उतने ज्योतिष में किसी भी भाव के साथ जुड़े दे नहीं पाए जाते हैं | पुरानी ज्योतिष शास्त्रों में आठवीं भाव को आयु भाव का भाव कहा जाता है और इससे काफी लोग मनुष्य जीवन की आयु का निर्धारण करने का प्रयत्न करते हैं परंतु यह भाव अत्यंत ही कठिन है किसी भी ज्योतिष को समझने के लिए (Online Astrology)| जैसे कि इस भाव में शनि जैसे ग्रह की स्थिति या दृष्टि भी मनुष्य जीवन को लंबी उम्र प्रदान करती है | ऐसा पाया जाता है कि शनि की दृष्टि या शनि की उपस्थिति इस भाव में मनुष्य जीवन मैं संघर्ष करके उन्नति प्राप्त करता है और एक लंबी आयु भी प्राप्त करता है |

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काफी लोग इस भाव को एक इंजन में स्पार्क प्लग की तरह देखते हैं जैसे कि इंजन को शुरू करने के लिए स्पार्क की जरूरत होती है वैसे ही आठवें भाव को मनुष्य जीवन में प्रेरणा देने वाला भाव कहा जाता है| इस भाव में किसी भी क्रूर ग्रहों की स्थिति मनुष्य को बहुत ही जल्दी किसी भी कार्य के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करती है (Online Astrology)| यह भाव आपकी पत्नी के परिवार का भाव भी है इस भाव में शनि ग्रह की स्थिति आपकी पत्नी के परिवार से शुभ संबंधों को दर्शाती है | साथ ही यह भाव आपको दूसरों के द्वारा होने वाली आमदनी भी दर्शाता है जिन लोगों की कुंडली (Kundli) में जा रहे दूसरे और आठवें भाव का सहयोग होता है वह अक्सर दूसरों की पैसों से कुछ व्यवसाय व करते हुए सफलता प्राप्त करते हैं |

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साथ ही यह भाव गूढ़ विषय जैसे कि ज्योतिष रेकी हस्तरेखा अंतरिक्ष विज्ञान आदि ऐसे क्षेत्रों से और ऐसे जगहों के ज्ञान से जुड़ा है जिनके बारे में सामान्य लोगों को जानकारी नहीं होती है

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साभार  –pictureastrology.com

 

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