अष्टमी पर महागौरी की पूजा कर पाएं धन-ऐश्वर्य

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आज नवरात्रि का आठवां दिन यानी अष्टमी है| आज कन्या भोज करवाया जाता है और देवी मां की पूजा की जाती है| अष्टमी के दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है| माता की चार भुजाएं होती हैं| इनका वर्ण शंख के समान अत्यंत उज्ज्वल है और ये वृषभवाहिनी हैं | माता ने घोर तपस्या कर शंकरजी को पाया था| मां के दिव्य स्वरूप का ध्यान हमारे जीवन की बाधाओं को दूर कर सकता है|

मां का वर्ण अत्यंत गोरा है इसलिए इन्हें महागौरी कहा जाता है| नारद-पांचरात्र के अनुसार, शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या करते समय मां गौरी का शरीर धूल-मिट्टी से मलिन हो गया था| इसके बाद जब भगवान शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए तो उन्होंने माता के मलिन शरीर पर गंगाजल डालकर  मिट्टी हटाई| इसी कारण मां महागौरी के नाम से विख्यात हुईं|

एक अन्य कथा के अनुसार, यह भी कहा जाता है कि माता सीता ने भगवान राम की प्राप्ति के लिए महागौरी की आराधना की थी| इससे उनकी शादी में आने वाली बाधा दूर हो गई| यदि किसी के जीवन में विवाह से संबंधित कोई भी परेशानी आती है तो उन्हें महागौरी की आराधना करनी चाहिए| माता को नारियल, सब्जी-पूड़ी, हलवे और काले चने का भोग लगाया जाता है| माता की पूजा के समय गुलाबी वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है|

माता की पूजा के लिए मंत्र –

श्वेत वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

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