Solar Eclipse 2019 : ग्रहण में यह ध्यान रखें तो जीवन में होगा सकारात्मक प्रभाव

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सूर्यग्रहण (Solar Eclipse July 2019) एक तरह का ग्रहण है, जब  चंद्रमा,  पृथ्वी  और  सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है तथा पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चंद्रमा द्वारा आच्छादित होता है । भौतिक विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो चंद्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढंक जाता है,  उसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है। भारत में  इसे धार्मिक दृष्टि से काफी हानिकारक माना जाता है |

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दरअसल, साल 2019 का दूसरा सूर्यग्रहण (Solar Eclipse July 2019) आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि को यानी 2 और 3 जुलाई की मध्यरात्रि में लगने जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार यह खग्रास सूर्यग्रहण आधी रात में होने की वजह से भारत में दृश्य नहीं होगा।

इस बार सूर्यग्रहण मंगलवार को यानी दो जुलाई को लग रहा है। ऐसे में ज़रूरी है कि ग्रहण से पूर्व ही आप कुछ बातों को अच्छी तरह से जान लें ताकि जब सूतक लगे, तभी से आप नियमों का पालन करने लगे।

आइए जानें कि ग्रहण (Solar Eclipse July 2019) के दौरान किन चीजों को करना निषेध है और क्या चीजें करनी चाहिए।

ग्रहण के दौरान कभी न करें ये काम

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# सूतक लगते ही कुछ भी न खाएं। कोशिश करें कि पानी का भी परहेज करें।

सूतक के दौरान मल-मूत्र त्याग करना भी मना है, लेकिन बच्चों, बूढ़ों और बीमार लोगों के लिए इसमें छूट है।

सूतक लगने के बाद ही अपने बिस्तर से उठ जाएं। इस दौरान सोना भी मना होता है।

सूतक में कभी भी प्रेम या संबंध बनाने से बचें।

यदि आप गर्भवती हैं तो आप अपने हाथ में चाकू-कैंची या कोई भी धारदार चीज़ न लें। न ही कुछ काटने का प्रयास करें।

गर्भवती महिला ग्रहण के दौरान कोशिश करे कि खड़ी रहे, लेटना या हाथ-पैर मोड़कर न बैठें।

ग्रहण में भगवान के मंदिर में न जाएं और न ही घर स्थित मंदिर में पूजा करें।

भगवान को स्पर्श न करें। भगवान के मंदिर को किसी पर्दे से ढंक दें।

ग्रहण के दौरान क्या करे

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सूर्य ग्रहण लगने से कई घंटे पहले सूतक लग जाता है। इस दौरान घर में भी भगवान के मंदिर को ढंक देना चाहिए।

सूतक के दौरान भी नहाना चाहिए और जब ग्रहण हट जाए तो भी नहाना ज़रूरी होता है।

सूतक लगते ही आप प्रभु के भजन-कीर्तन आदि करते रहें।

#  ग्रहण के समय अनाज छूकर उसे दान करना चाहिए।

ग्रहण में कोशिश करें कि बचे हुए सारे खाने में तुलसी के पत्ते डाल दें।

गर्भवती महिलाएं अपनी लंबाई के बराबर एक कुश लें। यदि कुश न हो तो कोई सीधा डंडा लेकर उसे कोने में खड़ा कर दें। इससे यदि वह ग्रहण में बैठना या लेटना चाहे तो लेट सकेंगी।

इन बातों का यदि ग्रहण में ध्यान रखा जाए तो ये आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। ग्रहण का वैज्ञानिक प्रभाव भी होता है और इसी आधार पर ज्योतिष के ये उपाय भी बने हैं।

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