जानें कैसे और कब जाएं महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

0

श्रावण आ चुका है और हर ओर शिवभक्ति देखने को मिल रही है। सावन में भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में वैसे तो पूरे साल ही श्रद्धालुओं की भीड़ होती है, लेकिन सावन के महीने में यहां दर्शन का खास महत्व है। महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यदि आप सावन के महीने में महाकाल मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं तो यहां हम आपको इससे जुड़ी पूरी जानकारी दे रहे हैं।

सावन सबसे खास

उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में सावन माह में दर्शन करने का खास महत्व है| हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, यह देश के सात मोक्ष प्राप्त करने वाले स्थानों में भी शामिल है। सावन के सोमवार में भगवान महाकाल के दर्शन को शुभ माना जाता है। सावन के महीने में यहां आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है इसलिए पहले से पूरी जानकारी प्राप्त करके चलें ताकि आपको आगे कोई परेशानी न हो।

भस्म आरती में बुकिंग

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि इसमें आपको भस्म आरती में मौजूद रहने की सीधी परमिशन मिल जाती है। यह बुकिंग आप मंदिर की वेबसाइट से करवा सकते हैं| इसके अलावा भस्म आरती की ऑफलाइन बुकिंग भी होती है, जो मंदिर में स्थित टिकट काउंटर से होती है, लेकिन यहां लाइन बहुत लंबी होती है और अंदर जाने के लिए सीमित लोगों को ही परमिशन मिलती है। अपने साथ अपना आईडी प्रूफ जरूर साथ लेकर चलें।

भस्म आरती का समय

महाकाल मंदिर में भस्म आरती सुबह 4 बजे से 5 बजे तक होती है, लेकिन श्रद्धालुओं को रात 1 बजे से ही लाइन में लगना होता है। अपने साथ भस्म आरती में ऑनलाइन या ऑफलाइन मिली परमिशन का प्रिंटआउट साथ रखें।

कहां ठहरें

यदि आपको भस्म आरती देखनी है, जिसके लिए रात को 1 बजे लाइन में लगना होता है तो आप मंदिर के पास ही किसी होटल में ठहर सकते हैं, जो आसानी से उपलब्ध है। मंदिर के पास काफी बजट होटल हैं, जहां आपको 700-1500 रुपए रात में होटल किराये पर मिल जाएगा।

कैसे पहुंचे – महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल है। उज्जैन यातायात के तीनों साधनों से पहुंचा जा सकता है

वायुमार्ग- उज्जैन में कोई एयरपोर्ट नहीं है, इसका सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर में है, जो करीब 58 किलोमीटर है| एयरपोर्ट के बाहर से आप टैक्सी या बस पकड़कर उज्जैन पहुंच सकते हैं, इसमें करीब 1-1.15 घंटे का समय लगता है।

रेलमार्ग- उज्जैन लगभग देश के सभी बड़े शहरों से रेलमार्ग से जुड़ा है। उज्जैन तक दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध है।

सड़क मार्ग- उज्जैन में सड़को का अच्छा जाल बिछा है और यह देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। नेशनल हाईवे 48 और नेशनल हाईवे 52 इसे देश के प्रमुख शहरों से जोड़ते हैं।

Share.