कार्तिक पूर्णिमा : मिलेगा दस यज्ञों का फल

0

कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाती है| आज के दिन का बहुत महत्व होता है| ऐसा माना जाता है कि आज के दिन यदि गंगा स्नान किया जाए और दीपदान किया जाए तो दस यज्ञों का फल मिलता है| आज के दिन को त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है| इस दिन भगवान शिव और विष्णु की पूजा से ख़ास फल मिलता है| इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर कृत्तिका नक्षत्र होने से इसका महत्व और बढ़ गया है|

त्रिपुरासुर का संहार

ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन भगवान महादेव ने त्रिपुरासुर अर्थात तारकाक्ष, कमलाक्ष व विद्युन्माली नामक असुरों का संहार किया था इसलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा का नाम दिया गया| वहीं आज ही के दिन भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था|  त्‍योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है| इसकी शुरुआत प्रबोधिनी एकादशी के दिन होती है, जो महीने का 11वां दिन होता है| त्‍योहार कार्तिक पूर्णिमा के दिन खत्‍म होता है, जो इस महीने की शुक्‍ल पक्ष का 15वां दिन होता है|  यह त्‍योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत प्रबोधिनी एकादशी के दिन होती है, जो महीने का 11वां दिन होता है| यह कार्तिक पूर्णिमा के दिन खत्‍म होता है, जो इस महीने की शुक्‍ल पक्ष का 15वां दिन होता है|

नदियों पर लगा जमावड़ा

आज गंगा, यमुना, सरयू, नर्मदा, ताप्ती तथा शिप्रा सहित देश की सभी प्रमुख नदियों में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है| वहीं स्नान का शुभ मुहूर्त भी दोपहर तक का ही है इसलिए घाटों पर लोगों का जमावड़ा लगा है|

कार्तिक पूर्णिमा पर रुदन में बदला त्यौहार का उत्साह

पूर्णिमा तिथि के बारे में महत्वपूर्ण बातें

गुरू नानकदेव की 549वीं जयंती आज

Share.