Govardhan Puja 2019 : गोवर्धन पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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पूरे देश में धूम-धाम से दिवाली (Diwali 2019) मनाई गई। लोगों ने मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और मां लक्ष्मी के आगमन के लिए घरों में दीप जलाए। हिन्दू धर्म में दीपावली का बेहद ज्यादा महत्व है और यह हिन्दुओं का सबसे बड़ा पर्व है। दीवापली का त्यौहार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को दुल्हन की तरह सजाते हैं (Govardhan Puja 2019)। घर-आंगन और दुकान में दीप जलाते हैं। माता लक्ष्मी और गणेश जी की शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इसके बाद लोग एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं देते हैं और बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद पटाखे चलाकर इसे धूम-धाम से मनाते हैं। दीपावली के अगले दिन यानी कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को देश भर में अन्नकूट उत्सव यानी गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) की जाती है।

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आज देश भर में गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) की जाएगी और धूम-धाम के साथ अन्नकूट उत्सव मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) यानी अन्नकूट उत्सव द्वापर युग से प्रारंभ हुई जब भगवान श्रीकृष्ण ने धरती पर अवतार लिया था। वैसे तो यह त्यौहार ब्रजवासियों का मुख्य त्यौहार है लेकिन इसे पूरे देश में बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को विविध प्रकार की खाद्य सामग्रियों का भोग लगाया जाता है और कृष्ण मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। हालांकि गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) वाले दिन बलि पूजा, मार्गपाली आदि उत्सव भी मनाए जाते हैं। वहीं इस दिन गाय-बैल को स्नान करा कर उनकी धूप-चंदन तथा फूल माला पहनाकर पूजा की जाती है। इतना ही नहीं इस दिन गौमाता को मिठाई खिलाकर उसकी आरती उतारते हैं और पूजा करते हैं।

इस दिन गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) के लिए लोग घरों के बाहर या आंगन में गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाते हैं। इसके बाद गाय तथा ग्वाल-बालों की आकृति बनाई जाती है। फिर इन सभी की रोली, चावल, फूल, जल, मौली, दही तथा तेल का दीपक जलाकर विधि-विधान से पूजा की जाती है और परिक्रमा की जाती है। गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) द्वापर युग में तब से प्रारम्भ हुई जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचाया था। सभी गांववालों को भारी बारिश से बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने पूरे 7 दिनों तक गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाए रखा। इसके नीचे सभी ब्रजवासियों ने आश्रय लिया था और श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र ने किसी भी ब्रजवासी पर जल की एक बूंद भी नहीं पड़ने दी थी। इस घटना से इंद्रा देव का मान-मर्दन हुआ और उन्हें अपनी शक्ति का जो घमंड था वह चूर-चूर हो गया।

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पूरे 7 दिन के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पर्वत को नीचे रखा और सभी ब्रजवासियों से प्रतिवर्ष इस पर्वत की पूजा करने और अन्नकूट उत्सव मनाने को कहा। उसी दिन से लेकर आज तक प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2019) के साथ अन्नकूट उत्सव पूरे धूम-धाम से मनाया जाता है। इस उत्सव से व्यक्ति को लंबी आयु तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस उत्सव को मानाने वाला व्यक्ति हमेशा हर कष्ट से दूर रहता है और उसे समृद्धि प्राप्त होती है।

गोवर्धन पूजा मुहूर्त

गोवर्धन पूजा / अन्‍नकूट की तिथि – 28 अक्‍टूबर 2019

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – 28 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 9:08 मिनट से

प्रतिपदा तिथि समाप्ति – 29 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 6:13 मिनट पर

गोवर्द्धन पूजा मुहूर्त – 28 अक्‍टूबर 2019 को दोपहर 3 बजकर 23 मिनट से शाम 5 बजकर 36 मिनट तक

पूजा की कुल अवधि – 2 घंटे 12 मिनट

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Prabhat Jain

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