गीता के ज्ञान से विश्व में प्रकाश

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हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथों में से एक श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान से आज पूरा विश्व प्रकाशित हो रहा है| गीता जयंती(Gita Jayanti 2018 ) हर वर्ष मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है| आज 18 दिसंबर को भी महोत्सव का उत्साह पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है| ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन कुरुक्षेत्र के मैदान में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के उपदेश दिए थे|

गीता की उत्पत्ति

आज का दिन श्रीमद्भगवद्गीता के जन्म का प्रतीक माना जाता है| महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण ने जो उपदेश दिए थे, इनमें आज के मैनेजमेंट के मंत्र छिपे हैं| भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के दौरान दुविधा में फंसे अर्जुन को जो उपदेश दिए थे, वे ही श्रीमद्भगवद्गीता में उल्लेखित हैं| ऐसा कहते हैं कि जब कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन अपने विपक्ष में परिवार के लोगों और संबंधियों को देखकर भयभीत हो गए थे, तब भगवान कृष्ण ने अपने ज्ञान से अर्जुन को उस कशमकश से बाहर निकाला था| उन्‍होंने आत्मा-परमात्मा से लेकर धर्म-कर्म से जुड़ी अर्जुन की हर शंका का निराकरण किया | गीता जयंती के दिन श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया जाता है और देशभर में भगवान कृष्ण और गीता की पूजा की जाती है|

गीता के उपदेश

# क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है| जब बुद्धि व्यग्र होती है, तब तर्क नष्ट हो जाता है| जब तर्क नष्ट होता है, तब व्यक्ति का पतन हो जाता है|

#  जो मन को नियंत्रित नहीं करते, उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है|

#  यह तो हम सभी जानते हैं कि किसी भी चीज का अति हो जाना काफी घातक होता है चाहे वह रिश्तों की मिठास हो या उनकी कड़वाहट, खुशी हो या गम| हर तरीके से हमें अपने जीवन का संतुलन बनाकर रखना चाहिए|

#  मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है, जैसा वह विश्वास करता है वैसा वह बन जाता है|

#  मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है|

#  व्यक्ति जो चाहे बन सकता है, यदि वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिंतन करे|

#  यदि जीवन में सफलता का पड़ाव चुनना है तो हमें स्वार्थी होने से बचना होगा क्योंकि स्वार्थ एक ऐसा स्वभाव है, जो हमें अन्य लोगों से दूर कर देता है|

#  कभी भी हमें अपने कर्म करने से पीछे नहीं हटना चाहिए|

#  संदेह हर मजबूत से मजबूत रिश्ते को नष्ट कर देता है, जिससे यह मनुष्य के दुख का कारण बन जाता है| जीवन में यदि रिश्ते को बचाना हो या जीवन में एक सफल रिश्ता बनाना हो तो अपने अंदर शक की भावना न रखें|

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