Ganesh Chaturthi 2019 : जानिए गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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इस वर्ष हर त्यौहार की तिथि को लेकर काफी असमंजस की स्थिति है। इस बार हर त्यौहार की दो तिथियां हैं। ऐसे में लोग काफी दुविधा में हैं कि आखिर त्यौहार किस दिन मनाएं? कौन सी तिथि सही है और शुभ मुहूर्त क्या है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2019) को लेकर भी इस तरह का असमंजस बना हुआ है। तो आपको बता दें कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी 2 सितंबर के दिन यानी सोमवार को मनाई जाएगी। भगवान गणेश की स्थापना लोग अपने घरों में करेंगे और फिर 9 दिन तक उनका पूजन किया जाएगा। इसके दसवें दिन भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन होगा जो 12 सितंबर को किया जाएगा।

Ganesh Chaturthi 2019 Whatsapp Status :

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भगवान गणेश का जन्म

आपको यह तो पता चल गया कि आखिर गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2019) किस दिन मनाई जाएगी। अर्थात किस दिन भगवान श्री गणेश की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। अब हम आपको बताते हैं कि भगवान गणेश का जन्म कब हुआ था? तो ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को सोमवार के दिन मध्याह्न काल में, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था। इसी वजह से ज्यादातर दोपहर के समय ही यानी मध्याह्न काल में भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है।

Ganesh Chaturthi 2019 का शुभ मुहूर्त

चलिए अब जानते हैं कि 2 सितंबर दिन भगवान गणेश की पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या है? तो आपको बता दें कि 2 सितंबर के दिन केवल 2 घंटे 32 मिनट तक ही पूजा का शुभ मुहूर्त है। यह सुबह 11 बजकर 04 मिनट से आरंभ होगा और दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। जबकि चतुर्थी तिथि सुबह 4 बजकर 56 मिनट से आरंभ होगी और रात्रि 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगी।

विशेष चौघड़िया :

अमृत चैघड़िया – प्रातः 6.10 से 7.44 तक,
शुभ चैघड़िया- प्रातः 9.18 से 10.53 तक
लाभ चैघड़िया-  दोपहर बाद 3.35 से 5.09 तक।

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Ganesh Chaturthi 2019 का महत्व

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2019) का बेहद ख़ास महत्व है। भगवान गणेश के जन्मोत्सव को पूरे देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि महाराष्ट्र राज्य में चतुर्थी का माहौल बेहद ज्यादा रौनक से भरा होता है और यहां का नज़ारा बेहद ही अद्भुत होता है। गणेश चतुर्थी को गणेशोत्सव के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन दस दिनों में भगवान गणेश की पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करने पर गणपति बप्पा अपने भक्तों का हर कष्ट हर लेते हैं।

पूजा विधि

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गणेश चतुर्थी को गणपति बप्पा की मूर्ति घर लेकर आएं और फिर मूर्ति को स्थापित करने के स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं। इसके बाद सही दिशा में मूर्ति की स्थापना करें। चूंकि भगवान गणेश को मोदक अत्यधिक प्रिय हैं इसलिए उन्हें दीपक लगाकर मोदक का भोग लगाएं। शाम को पूरे श्रद्धा भाव से श्री गणेश की पूजा-अर्चना करें व आरती उतारें। पूरे विधि-विधान के साथ 9 दिनों तक भगवान गणेश की पूजा और आरती करें। इसके बाद दसवें दिन पूजन और हवन करें और फिर मूर्ति का विसर्जन करें।

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