Diwali 2019 : इस दिवाली बन रहा शुभ योग, जानिए शुभ मुहूर्त

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हिन्दू धर्म में दीपावली को सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। दीपावली के दिन मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इसलिए इस त्यौहार से पहले सभी लोग अपने घर, दुकान और ऑफिस की साफ़-सफाई कर उसे अच्छी तरह से सजाते हैं। इस दिन सुख-समृद्धि की देवी महालक्ष्मी और प्रथम आराध्य देव श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है (Diwali 2019 Shubh Muhurat)। इस बार दिवाली का महापर्व 27 अक्टूबर रविवार को पूरे देश में बेहद धूम-धाम से मनाया जाएगा। इस बार दिवाली के दिन दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी। इसके बाद 2 बजाकर 23 मिनट से अमावस्या की शुरुआत होगी। रविवार को सूर्योदय से लेकर रात्रि 3:16 बजे तक चित्रा नक्षत्र रहेगा। अगर चित्रा नक्षत्र रविवार को पड़े तो यह पद्म योग बनाता है।

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मतलब इस बार की दिवाली में पद्म योग बन रहा है। दिवाली के दिन इस योग का बनना बेहद ही ज्यादा शुभ माना जाता है। क्योंकि हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार इस योग में माता लक्ष्मी श्री हरि विष्णु के साथ उनके वाहन गरूड़ पर स्थित कमल पर विराजित होकर विचरण करती हैं (Diwali 2019 Shubh Muhurat)। इसलिए पद्म योग में दीपावली सभी के लिए, कार्य, व्यापार, उद्योग-धंधे, नौकरी पेशा वाले लोगों के लिए  बेहद ही शुभ मानी जाती है। इस बार की दिवाली इस शुभ योग में मनाई जाएगी। दिवाली पर पद्म योग बनने की वजह से इस बार की दिवाली बेहद ज्यादा ख़ास और शुभ है। अब जानते हैं दिवाली के शुभ मुहूर्त के बारे में।

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लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त (Diwali Puja Shubh Muhurt)

दीवाली / लक्ष्‍मी पूजन तिथि – 27 अक्‍टूबर 2019

अमावस्‍या तिथि प्रारंभ – 27 अक्‍टूबर 2019 को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से

अमावस्‍या तिथि समाप्‍त – 28 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक

लक्ष्‍मी पूजा मुहुर्त – 27 अक्टूबर, शाम 06:42 से रात 08:11 बजे तक

पूजा की कुल अवधि – 02 घंटे 29 मिनट

चौघड़िया

चर का चौघड़िया – प्रात: 7:57 बजे से

लाभ का चौघड़िया – प्रात: 09:20 बजे से

अमृत का चौघड़िया – प्रात 10:42 बजे से

शुभ का चौघड़िया – दोपहर 13:28 बजे से

 

काल

प्रदोष काल – शाम 5:41 से रात 8:15

वृषभ काल – शाम 6:43 से रात 8:39 तक

राहु काल – 4:30 बजे से 6:00 बजे तक

राहु काल बेहद अशुभ माना जाता है

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शुभ लग्न

कुम्भ लग्न – दोपहर 2:10 बजे से 3:38 बजे तक

वृषभ लगन – शाम 6:39 बजे से 8:34 बजे तक

मिथुन लग्न – रात्रि 8:25 बजे से 10:47 बजे तक

कर्क लग्न – रात्रि 10:48 बजे से मध्य रात्रि 1:08 बजे तक

कर्क लग्न में महालक्ष्मी पूजन के लिए मंत्र –

निशीथे लक्ष्म्यादि पूजनं कृत्यं शुभम्

पूजा सामग्री –

खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक घी का बड़ा दीपक।

पूजा विधि –

दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए एक थाल में ग्यारह दीपक जलाने चाहिए। अब इन सभी पूजा सामग्रियों को थाल में सजाकर यजमान को माता लक्ष्मी और श्री गणेश की प्रतिमा सामने रखकर बैठना चाहिए। इसके अलावा परिवार के सभी सदस्य बाईं ओर बैठें। अगर कोई आगंतुक भी पूजा में शामिल होना चाहता है तो वह घर के सदस्यों के पीछे बैठे। अब विधि पूर्वक पूजा आरंभ करें। सभी दीपकों को प्रज्वलित करें। माता लक्ष्मी और गणेश जी की आरती के बाद दीपकों को घर के द्वार और हर कौन में रखें।

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