Dhanteras 2019 : चाहते हैं घर में हो अपार धन, तो इस तरह करें कुबेर को प्रसन्न

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आज देश भर में धनतेरस (Dhanteras 2019) का त्यौहार बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है। आज के दिन घरों व दुकानों में माता लक्ष्मी जी के साथ धन के देवता कुबेर की और अयोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा (Dhanteras 2019 Worship Of Kuber) की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार आज के दिन नया सामान खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। आज के दिन लोग सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और झाड़ू आदि खरीदते हैं। मान्यता है कि इन सामान की खरीददारी से पूरे साल मां लक्ष्मी जी की कृपा बरसती है। धनतेरस पर सोने-चांदी को खरीदने की प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। इसी वजह से आज यानी 25 अक्टूबर को धनतेरस के मौके पर देश भर के सराफा बाजार में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है।

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धनतेरस (Dhanteras 2019) का यह पर्व दिवाली के दो दिवस पूर्व मनाया जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए थे। इसी वजह से आज के दिन बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि आज के दिन बर्तन खरीदने से घर में धन-सम्पदा में तरह गुना की वृद्धि होती है और घर हमेशा धन-धान्य से भरपूर रहता है। धनतेरस (Dhanteras 2019 Worship Of Kuber) के पर्व पर शुभ मुहूर्त में घर और दुकानों में मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

पूजा विधि

माता लक्ष्मी जी (Diwali 2019 Laxmi Puja) की पूजा के लिए लाल आसन का होना जरूरी है इसलिए सर्वप्रथम लाल कपड़े का आसन बिछा लें। इसके बाद इस कपड़े पर बीचों-बीच मुट्ठी भर अनाज रखें। अब इस अनाज के ढेर पर तीन चौथाई पानी से भरे कलश में थोड़ा सा गंगाजल मिला कर स्थापित करें। अब इसी कलश के अंदर सुपारी, फूल, सिक्‍का और अक्षत यानि साबुत चावल डाल दें। अब आम के पांच कलश के मुख पर लगाएं और इसके ऊपर धान से भरा बर्तन रख दें। अब धान पर हल्दी से माता लक्ष्मी जी का आसन कमल का फूल बनाकर इस पर माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा रखें और कुछ सिक्के भी रखें। अब माता लक्ष्मी की दाहिनी तरफ भगवान गणेश की प्रतिमा रखें। अब माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करें। इसके बाद अपने घर के पैसे रखने के स्थान पर भी पूजा करें। अब माता लक्ष्मी जी और गणेश जी की आरती उतारें।

Dhanteras 2019 : धनतेरस पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

कुबेर मंत्र

इसके बाद भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा करें। इसके बाद नई झाड़ू और सूपड़े की पूजा करें। पूजा हो जाने के बाद दीपक प्रज्वलित करें और दीपकों को घर व दुकान के द्वार के दोनों तरफ रखें। इसके अलावा घर के और दुकान के सभी कौनों में एक-एक दीपक स्थापित करें।

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ओम श्रीं, ओम ह्रीं श्रीं, ओम ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम:।

यम का दीपदान

धनतेरस (Dhanteras 2019) के दिन यम के नाम का भी दीपक जलाकर उनका दीपदान किया जाता है। यह दीप मृत्यु के देवता यमराज को समर्पित होता है। कहा जाता है कि मृत्यु के देवता यमराज को यह दीपदान करने से परिवार के सदस्य कभी असामयिक मृत्यु को प्राप्त नहीं होते।

Prabhat Jain

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