जानिए वृषभ राशि के जातकों की खास बातें

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वृषभ (Taurus ) राशि कालचक्र की दूसरी राशि है। यह मानव शरीर में चेहरे को दर्शाती है। चेहरे पर सभी इंद्रियां – आंखें, कान, मुंह, नाक स्थित होते है । पांचो इंद्रियों से व्यक्ति इस जगत की सारी जानकारी एकत्रित करता है। हालाँकि चेहरे पर ज्यादा गति नहीं होती है। यानी आंखें पूरी दुनिया को देख लेती हैं (बहुत ज्यादा हलचल के बिना), कान सभी ध्वनि सुनते हैं, नाक सब कुछ सूँघती है, मुंह से भोजन शरीर में जाता है परन्तु ये सब बहुत काम गतिशीलता से होता है । चेहरा पूरी तरह से वृषभ के स्वाभाव को दर्शाता है इस राशि के जातक बहुत प्रयास के बिना आराम से कार्य करने में भरोसा रखते है । हालाँकि इनमे शारीरिक क्षमता भरपूर होती है परन्तु ये गति और स्फूर्ति की बजाय धीमी और स्थिर गति से कार्य करते है ।

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हालांकि आमतौर पर वे शांत होते हैं लेकिन अगर उकसाया जाए तो वे बैल की तरह लड़ सकते हैं और हमला कर सकते हैं। उनकी शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक कठोरता दोनों ही काफी प्रभावशाली हैं।

प्राचीन काल में बैल का उपयोग खेतों में हल चलाने, बैलगाड़ी खींचने और शारीरिक शक्तियों की आवश्यकता वाली कृषि गतिविधियों में मदद करने के लिए किया जाता था। इसलिए वृषभ खेती और उससे संबंधित गतिविधियों से जुड़ा हुआ हैं और इस क्षेत्र से जुड़ा कोई भी व्यापर या उद्यम वृषभ राशि के लिए काफी फायदेमंद रहता है ।

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वृषभ (Taurus) शारीरिक व्यक्तित्व के धनी होते है, खासकर चेहरा एकदम संतुलित और देखने में मनोहर होता है। हालांकि शरीर में अक्सर जल्दी वजन बढ़ने कि संभावना रहती है । एक बैल की तरह वे आमतौर पर बहुत धीमी गति से और नजाकत के साथ चलते हैं। वृषभ राशि के जातक खाने के शौकीन होते है और मीठा उनकी विशेष कमजोरी रहती है।

शुक्र के आधिपत्य और इन्द्रियों कि स्वाभाविक राशि होने के कारण वृषभ (Taurus ) जातक आसानी से संगीत, फाइन आर्ट्स, चित्रकारी आदि में उन्नति कर सकते है ।

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 साभार – pictureastrology.com

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