रुद्राभिषेक से होते हैं भोलेनाथ प्रसन्न, जाने इससे जुड़ी कुछ खास बातें

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सावन का महीना चल रहा है और इसका आखिरी सोमवार 12 अगस्त को पड़ेगा। शिव भक्तों के लिए आखिरी सोमवार भी विशेष महत्व रखता है। सावन के महीने में हर शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है (Lord Shiva Rudrabhishek In Sawan)। हर शिव भक्त इस महीने में भगवान भोलेनाथ को जल चढाने के लिए दूर-दूर से कावड़ लेकर पैदल यात्रा करते हैं। इस महीने में कई मंदिरों में भगवान शंकर का रुद्राभिषेक भी होता है। रुद्राभिषेक को लेकर ऐसी मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। हिन्दू धर्म में यह मान्यता है कि जो व्यक्ति भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करता है उसके समस्त ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं।

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सावन के महीने में भोलेनाथ के रुद्राभिषेक का बेहद ही विशेष महत्व होता है। चूंकि सावन का माह बेहद ही पवित्र होता है और यह भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना माना जाता है (Lord Shiva Rudrabhishek In Sawan) इसलिए इस महीने रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। हालांकि सावन महीने के सोमवार के दिन इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।

सावन माह के सोमवार को रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ बेहद जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। हालांकि रुद्राभिषेक से जुड़ी कुछ और बातें हैं। तो चलिए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ अन्य बातें।

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अभिषेक का मतलब तो सभी जानते हैं कि स्नान कराना। वहीं रुद्राभिषेक का मतलब है शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों का उच्चारण करते हुए अभिषेक करना। अभिषेक के कई रूप और प्रकार होते हैं। अगर भोलेनाथ को जल्द प्रसन्न करना है तो श्रेष्ठ ब्राह्माणों के द्वारा रुद्राभिषेक करवाना बेहद उचित होता है। भोलेनाथ को ही रूद्र कहा जाता है। रुद्राष्टाध्यायी के मुताबिक रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र। अर्थात रुद्राभिषेक करने पर हमारे दुख समाप्त हो जाते हैं।

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