जानिए क्या होता है ज्योतिष में तीसरा घर

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पहले के लेख में हमने देखा कि ज्योतिष (Jyotish) में दूसरा घर जन्म के तुरंत बाद का समय दर्शाता है। इस समय में नए जन्मे को परिवार द्वारा बहुत देखभाल की आवश्यकता होती है। तीसरा घर जीवन वह समय होता है जब एक बच्चा दूसरों के साथ संवाद करना शुरू कर देता है और रोने के अलावा अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखता है। अतः तीसरा घर किसी व्यक्ति के संचार कौशल को दर्शाता है। तीसरा घर (Kundli Houses) किसी भी प्रकार के संचार से संबंधित है जैसे लिखित, मौखिक और भावों के माध्यम से। इसलिए यह लेखकों, कवियों, संपादकों, अभिनेताओं, समाचार पाठकों, संवाददाताओं और किसी भी पेशे के लिए बहुत महत्वपूर्ण घर है जिसके लिए किसी भी प्रकार के संवाद की आवश्यकता होती है।

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यह वह घर (Kundli Houses) है जो जीवन के उस चरण को दिखाता है जब बच्चा चलना शुरू करता है और नई चीजें करना शुरू करता है। इसलिए यह घर आपके साहस या नई पहल करने की क्षमता से गहराई से जुड़ा हुआ है। मजबूत तीसरे घर वाले लोग कुछ भी नया शुरू करने में संकोच नहीं करते हैं। इस प्रकार सभी साहसिक खेल और किसी भी नयी गतिविधि के लिए यह भाव महत्वपूर्ण होता है। तीसरा घर वह घर है जहाँ मानसिक गतिविधियाँ शुरू होती हैं और यह किसी व्यक्ति की बुनियादी शिक्षा से गहराई से जुड़ा होता है। इस घर में सभी इंद्रियां ठीक से विकसित होती हैं और बच्चा दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम होता है। आपके भाई-बहन और पड़ोसी भी इस घर से दर्शाये जाते हैं।

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तीसरा घर बुनियादी मानव संकायों को विकसित करता है ताकि बच्चा औपचारिक शिक्षा शुरू करने के लिए तैयार हो जो कि चौथे घर से शुरू होती है |

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साभार – Pictureastrology.com  

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