Navratri 2019 : भय से मुक्ति दिलाती है मां कालरात्रि

0

शारदीय नवरात्रि का आज सातवां दिन है। नवरात्रि (Navratri 2019) के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरुप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। कालरात्रि (Maa Kaalratri Puja) का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है। काल और रात्रि मतलब अंधकार का विनाश करने वाली। मां काल रात्रि अंधकार का विनाश करने वाली देवी हैं और इनकी उपासना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के भय से मुक्ति प्राप्त हो जाती है। मां कालरात्रि को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी भी कहा जाता है। मतलब तंत्र साधना करने वाले साधकों को कालरात्रि माता की उपासना करने से सिद्धियों की प्राप्ति होती है। जब धरती पर रक्तबीज नामक दानव का अत्याचार बेहद ज्यादा बढ़ गया और पूरी धरती दानव के अत्याचार से त्राहिमाम कर उठी तब रक्तबीज दानव का वध करने के लिए देवी कालरात्रि को उत्पन्न किया गया।

Today Rashifal 5 October 2019 : इस राशि के जातकों की बढ़ेगी आज परेशानी

मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) को मां दुर्गा ने अपने तेज से उत्पन्न किया था। ऐसी मान्यता है कि मां कालरात्रि का नाम लेने मात्र से भूत, प्रेत, राक्षस, दानव और सभी पैशाचिक शक्तियां दूर भाग जाती हैं। मां कालरात्रि का स्वरुप काला है लेकिन कालरात्रि माता शुभ फल देने वाली देवी हैं। मां कालरात्रि को मां महाकाली भी कहा जाता है (Navratri Seventh Day)। कहा जाता है कि मां कालरात्रि बेहद जल्द प्रसन्न हो जाती हैं। मां कालरात्रि की उपासना करने से मनुष्य को हर तरह के भय से मुक्ति मिल जाती है। पूरे देश में ही सप्तमी के दिन देवी पंडालों को सजाया जाता है लेकिन पश्चिम बंगाल में विशेष तौर पर सप्तमी की पूजा की जाती है।

Navratri Sixth Day 2019 : मां कात्यायनी की ये आरती करती है सभी मनोकामना पूर्ण

मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा (Maa Kaalratri Puja Vidhi) करने के बाद उन्हें खिचड़ी, पापड़, सब्जियां, बैंगन भाजा और रसगुल्ला का भोग लगाना चाहिए। अगर इन वस्तुओं का भोग मां कालरात्रि को लगाया जाए तो वे बेहद जल्द प्रसन्न हो जाती हैं। कालरात्रि माता की पूजा के साथ ही संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करना चाहिए।

मां कालरात्रि का मंत्र –

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।

जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्तिहारिणि।

जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तु ते।।

धां धीं धूं धूर्जटे: पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी

क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु।।

Navratri 2019 : बुद्धि की देवी स्कंदमाता की पूजा विधि और मंत्र

Prabhat Jain

Share.