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शेयर बाज़ार में निवेश सही या गलत…पढ़ें पूरी खबर  

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इंदौर में अब लोगों को लाभ दिलाने के नाम पर आधुनिक तरीके से ठगने के मामले सामने आने लगे हैं| लोगों को कम समय में बड़ा फायदा दिलाने के लिए अब ठग शेयर मार्केट के नाम पर लोगों को चूना लगा रहे हैं| इन ठगों के झांसे में कुछ निवेशक फंसकर अब तक लाखों की चपत लगवा चुके हैं|

ठग गिरोह के सदस्य यह काम इतनी सफाई से करते थे कि किसी को भी इसका अंदाजा नहीं होता था| पिछले दिनों जब एक शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने इंदौर में ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया तो यहां चल रहे इस गोरखधंधे के कई अनछुए पहलू निकलकर सामने आए|

ऐसे में आम निवेशकों में शेयर बाज़ार की एडवाइजरी कंपनियों के बारे में गलत छवि सामने आ रही है| कुछ लोगों के इस प्रकार के गलत कार्यों के कारण सही सलाह देने वाली कंपनियों की साख भी बिगड़ रही है|

शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में कंपनी संचालक, महिला हैंडलर और एडवाइजर शामिल हैं। आरोपित नाम व नंबर बदलकर ग्राहकों को कॉल करते थे और उनसे शेयर मार्केट में पैसा लगवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे|

यह है पूरा मामला

क्राइम ब्रांच के एएसपी अमरेंद्रसिंह को शिकायत मिली थी कि फरियादी सुदामा नगर निवासी बैंककर्मी योगेश दुबे ने शेयर इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कंपनी ‘प्रॉफिट गुरु’ के संचालक सतीश शुक्ला, सुमित उर्फ विवेक शर्मा, प्रेम मीणा उर्फ रवि वर्मा, स्वाति उर्फ रिद्धिमा शर्मा उर्फ रिशिका शर्मा, राहुल उर्फ अंकुश चौहान व चिन्मय भट्टाचार्य उर्फ आदित्य प्रताप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है।

फरियादी ने पुलिस को बताया कि वह निजी बैंक में जॉब करता है। फरवरी 2018 में रवि वर्मा नामक व्यक्ति ने कॉल कर उससे कहा था कि वह प्रॉफिट गुरु, शेखर सेंट्रल पलासिया स्थित कंपनी में रिसर्चर है और कंपनी के जरिये शेयर बाजार में निवेश करने पर लाखों रुपए का मुनाफा करवा सकता है। योगेश ने कंपनी की वेबसाइट पर जानकारी जुटाई और रजिस्ट्रेशन के लिए खाते में 1 हजार रुपए जमा करवाए। फिर योगेश ने रवि की सलाह पर 45 कंपनियों के शेयर भी खरीदे। कुछ दिनों बाद ही शेयर में उसे घाटा होने लगा, जिसके बाद शिकायत करने पर सुपरवाइजर विवेक शर्मा ने उसे कुछ दिन रुकने की सलाह दी| कई दिन बाद भी फायदा नहीं होने पर सुपरवाइजर विवेक ने कहा कि डीमेट खाता स्वयं की बैंक से हटाकर ‘फिनोफिन्टेक’ में खुलवाना पड़ेगा|

कुछ दिन बाद कंपनी की कर्मचारी रिद्धिमा ने ऋषिका बनकर कॉल किया। उसने योगेश को बताया कि ‘फिनोफिन्टेक’, ‘प्रॉफिट गुरु’ की सहयोगी कंपनी है। यह आरबीआई से भी अप्रूव्ड है। उसने नए खाते के लिए एक लाख रुपए मांगे और 70 हजार रुपए जमा करवा लिए। कई दिन बाद भी खाता एक्टिवेट नहीं होने पर फरियादी को शक हुआ। बाद में जानकारी निकालने पर पता चला कि रिद्धिमा प्रॉफिट गुरु की कर्मचारी है और वह सतीश के इशारे पर काम करती थी। पुलिस ने सतीश, स्वाति, चिन्मय और सुमित को गिरफ्तार किया है, जबकि राहुल फरार है।

कंपनी ने करवाया था गलत इन्वेस्टमेंट

पूरे मामले में कंपनी के कर्मचारियों की गलती यहां सामने आती है कि सलाहकार कंपनी केवल ग्राहकों को अपनी रिसर्च के आधार पर निर्देशित करते हैं, लेकिन यहां कंपनी ने नुकसान होने की दशा में दूसरी कंपनी ‘फिनोफिन्टेक’ के खाते में ग्राहक से निवेश करवाया, जो कि कानूनन रूप से गलत है|

जागरूकता से बच सकते हैं आप

शेयर मार्केट में निवेश करना किसी भी तरह से गलत नहीं है, लेकिन ग्राहकों का लालच ही उन्हें इस तरह के धोखे का शिकार बना सकता है| अगर आप जल्दी पैसे बनाने के चक्कर में किसी फर्जी कंपनी के झांसे में आते हैं तो फिर आपको ये लालच भारी पड़ सकता है| ऐसे में कुछ बातों पर ध्यान देकर ग्राहक इस तरह के धोखे से बच सकते हैं|

  • बाज़ार ने निवेश करवाने वाली कंपनियों के लिए सेबी का रजिस्ट्रेशन जरूरी है, निवेश से पहले इसकी जांच जरूर करें|
  • ग्राहक सेबी की वेबसाइट (sebi.gov.in) पर जाकर निवेशक सभी जानकारी को जांच सकते हैं|
  • सलाहकार कंपनी का पता एक बार खुद जाकर जांचें|
  • जिस कंपनी की सलाह से आप पैसे लगा रहे उसका पिछला रिकॉर्ड जरूर जांचे, जैसे कंपनी कितनी पुरानी है…आदि|
  • कंपनी को पैसे देने से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ें|
  • जो पैसा आप कंपनी के प्रतिनिधि को दे रहे हैं, उसकी रसीद अपने मेल पर या हार्ड कॉपी में जरूर लें|
  • जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में किसी के बहकावे में ना आएं| अगर कोई आपको ये सलाह देता है कि वह तय समय में पैसे को दुगना या तिगुना कर सकता है तो अपने विवेक से काम लें|

इस तरह के मामले सामने आने के बड़ा शेयर मार्केट से संबंधित सलाहकार कंपनियों की साख पर भी सवाल उठने लगे हैं| इंदौर जैसे अग्रणी शहर में जहां देश की कई बड़ी कम्पनियां वर्षों से ग्राहकों को अपनी सलाह उपलब्ध करवाती आ रही हैं, वहीं इस तरह की धोखाधड़ी ने ग्राहकों को डराने का काम किया है| लगभग 10 हज़ार से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने वाली इंडस्ट्री को लेकर जब इस तरह की ख़बरें सामने आती हैं तो लोगों में संशय पैदा होना भी लाजिमी है| ऐसे में बाज़ार में निवेश करवाने वाली इस तरह की कंपनियों पर ‘सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया’ (सेबी) जरूर ध्यान दें और शहर में कुछ कंपनियों द्वारा चलाई जा रही इस तरह की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करे|

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