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गेर में कोई गैर न रहा

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रंगपंचमी के मौके पर इंदौर में एक बार फिर से शहर की समृद्ध परंपरा नज़र आई| रंगपंचमी पर निकलने वाली फाग यात्रा यानी गेर में कोई भी गैर नहीं रहा| लोगों ने रंग गुलाल उड़ाते हुए लोगों को त्यौहार के रंग में रंगा और उन्हें अपना बना लिया| इंदौर के राजवाड़ा में इस मौके पर जो रंग उड़ा वह रंग था मस्ती का, उल्लास का, परम्पराओं के प्रतिनिधित्व का और इंदौर के संस्कारों का|

रंगपंचमी पर इंदौर में गेर निकाले जाने की प्राचीन परंपरा है| इस गेर में बच्चे-बड़े, युवा और महिलाएं सभी शामिल होते हैं| गेर के आयोजन को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग राजबाड़ा पहुंचे थे| इंदौर में 5 से भी ज्यादा टोलियों की गेर रंगपंचमी पर निकली|

इसमें महापौर मालिनी गौड़ के नेतृत्व में ‘हिन्द रक्षक’ फाग यात्रा में सैकड़ों महिलाएं नाचती-गाती नज़र आईं| वहीं टोरी कार्नर की प्रसिद्ध गेर और कमलेश खंडेलवाल के नेतृत्व में संस्था ‘सृजन’ की गेर भी निकली| लगभग 5 किमी तक हजारों लोग गेर में अपनी मस्ती में नाचते-गाते और झूमते नज़र आए|

इंदौर में रंगपंचमी पर जहां तक नज़र जा रही थी रंग ही रंग नज़र आ रहा था| लोगों के चेहरों और दिलों में रंगों की खुमारी साफ़तौर पर नज़र आ रही थी| रंगों की पिचकारी और पानी की बौछारों के बीच जमकर लोगों ने इस पर्व का आनंद लिया|

सुरक्षा में 01 हज़ार पुलिसकर्मी 

इंदौर की परंपरा में किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसे लेकर रंगपंचमी पर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नज़र आया| गेर से पहले डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने राजबाड़ा पर दौरा किया और अपने अधिकारियों को व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए| इसके बाद जगह-जगह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने व्यवस्था संभाली| अकेले राजबाड़ा क्षेत्र और गेर मार्ग के आसपास करीब 1 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात रहे|

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