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Sunday, May 20, 2018

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एक यात्री की नींद कैसे बनी उसकी दुश्मन?

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खर्राटे…! जी हाँ  आपने तो सुने ही होंगे| लेकिन जब आप सफ़र में हों और ज़ोर की नींद आ रही हो  तो कुछ  समस्या भी पैदा कर सकती है | ऐसा ही कुछ हुआ मुंबई से चलने वाली एक ट्रेन में | यात्रा के दौरान  एक शख्स को अपने खर्राटों के कारण सहयात्रियों के विरोध का सामना करना पड़ा। सहयात्रियों के इस विरोध के बाद उक्त शख्स ने लोगों की बात मानते हुए, दूसरों को सोने देने के लिए खुद ना सोने का फैसला किया, जिसके बाद लोगों ने चैन की सांस ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामचन्द्र नाम के एक यात्री ने मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन से चलने वाली एलटीटी-दरभंगा एक्सप्रेस में अपना रिजर्वेशन कराया था। ट्रेन में यात्रा के दौरान राम के खर्राटों से तंग आकर आस-पास के लोगों ने उनकी बर्थ तक आकर इन खर्राटों के विरोध में झगड़ा शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे टीटीई गणेश विरहा ने इस मामले में हस्तक्षेप कर के मामले को सुलझाने की कोशिश की।

टीटीई गणेश विरहा ने कहा, “मैंने यात्रियों को बताया कि रेलवे की नियमावली के अनुसार ट्रेन में सो रहे किसी यात्री को परेशान करना गलत है। इस बीच कुछ लोगों ने मुझे बताया कि कोच के सभी यात्री रामचन्द्र  के खर्राटों से परेशान थे जिसके कारण उन्होंने विरोध शुरू किया|”

उन्होंने कहा कि उनके हस्तक्षेप और विरोध के बाद रामचन्द्र ने राजी होते हुए कहा कि वह यात्रा के दौरान अन्य यात्रियों को अपने खर्राटों से परेशान ना होने देने के लिए दोपहर तक नहीं सोएंगे, जिसके बाद विरोध कर रहे यात्रियों का समूह शांत हो गया|

कुछ समय गुज़र जाने के बाद दोपहर के वक्त खर्राटों को भूलते हुए विरोधी यात्रियों और रामचन्द्र के बीच दोस्ती भी हो गई। वहीं रेलवे के एक अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेनों में खर्राटे के कारण लोगों के परेशान होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में बेवजह शोर कर लोगों को परेशान करने की स्थिति में दोषी लोगों पर जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन खर्राटे जैसी स्थितियां सामान्य ही हैं इसलिए अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लेकिन यह भी सच है कि खर्राटे पर किसी का नियंत्रण नहीं|

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