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जाने क्यों बाथरूम में ही आता है हार्ट अटैक?

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आज के दौर में लोगों में हार्ट-अटैक का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे मुख्य वजह है लोगों की जीवनशैली में बदलाव। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की जीवनशैली पूरी तरह से परिवर्तित हो चुकी है। लोग अपनी सेहत और खान-पान पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते जिसका उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना पड़ जाता है। आज के समय में लोगों को सिर्फ पैसा कमाने का जुनून सवार है इसलिए वह अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। इसी लापरवाही की वजह से शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म ले लेती हैं और हमें इसका पता भी नहीं चलता। हमें इसका पता तभी चलता है जब यह आगे चलकर गंभीर रूप धारण कर लेती हैं।

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आज के दौर में कम उम्र के लोग भी हार्ट-अटैक का शिकार हो रहे हैं। इसलिए दिल से जुड़ी बातों के बारे में हर किसी को जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके। आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आपको भी हैरानी हो सकती है। आज के दौर में दिल का दौरा किसी को भी और कही भी पड़ सकता है और इसका पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं है। आज के दौर में यही सबसे गंभीर बीमारी मानी जाती है। इसकी वजह से कोई भी व्यक्ति चंद मिनटों में काल के मुंह में समा सकता है। वैसे दिल के दौरे पड़ने के अधिकतर मामलों में पाया गया है कि ज्यादातर लोगों को बाथरूम में ही हार्ट अटैक आता है। बाथरूम में अटैक आने से उनकी जान बचाने की संभावना बेहद कम हो जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि अधिकतर अटैक बाथरूम में ही क्यों आते हैं?

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आपके मन में भी यह सवाल तो जरूर आता होगा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि अधिकतर लोगों को बाथरूम में ही अटैक आता है? आज हम आपको तीन कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी वजह से बाथरूम में अटैक आते हैं। अगर आपको ऐसे कोई संकेत मिलते हैं तो आप पहले से सचेत हो जाएं और इन्हें पहचानकर खुद को इससे बचा सकते हैं।

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नहाने के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ना या घटना।

कई बार नहाने के दौरान हमारा रक्तचाप मतलब ब्लड प्रेशर बढ़ या घट जाता है। नहाने के दौरान ब्लड प्रेशर प्रभावित होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से प्रमुख वजह है –

अचानक गर्म या ठंडे पानी को शरीर के ऊपर डालना।

ज्यादा जोर लगाकर बॉडी को साफ़ करना।

पैरों पर ज्यादा देर तक बैठे रहना।

नहाने में जल्दबाजी करना।

काफी देर तक बाथटब में बैठे रहना।

इन प्रमुख कारणों की वजह से हमारे दिल की धड़कने प्रभावित होती हैं जो हमारे रक्त प्रवाह पर असर डालती हैं। इसी वजह से हमारी धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

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टॉयलेट में ज्यादा देर बैठना

भारतीय घरों में प्रयोग किए जाने वाले टॉयलेट में लोगों को ज्यादा प्रेशर लगाना पड़ता है इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इसके अलावा जो लोग ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठते हैं उनकी दिल की धमनियों पर भी प्रभाव पड़ता है। यही वजह हार्ट अटैक का कारण बनता है।

इसके अलावा एक्सपर्ट्स का कहना है कि अधिकतर लोग नहाते वक़्त सीधे सिर पर ठंडा पानी डालते हैं। जो कि काफी खतरनाक साबित होता है। इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सबसे पहले तलवों पर पानी डालना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे शरीर के बाकी हिस्सों पर पानी डालना चाहिए। तलवों से ऊपर की तरफ बढ़ते हुए पानी डालने से रक्त प्रभाव सामान्य रहता है।

Prabhat Jain

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