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ये रामबाण नुस्खा सिर्फ 3 दिन में ख़त्म कर देगा डायबिटीज

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दुनिया भर में डायबिटीज (diabetes) यानी कि शुगर के मरीजों की संख्या 6 करोड़ पार कर चुकी है। देश में तेजी से इसके मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बात की जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की रिपोर्ट से सामने आई है। हालांकि शुगर को लेकर मेडिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ बिस्वरूप राय चौधरी का कहना है कि शुगर एक अस्थायी समस्या है जो मात्र 3 दिन में ही ठीक हो सकती है। इस बात का दावा उनकी एक स्टडी में किया गया है जिसे Journal of Metabolic Syndrome में Diabetes Reversal by Plant-Based Diet के शीर्षक से प्रकाशित भी किया गया है।

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डायबिटीज क्या है?

जब शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ती है तब ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। असल में इन्सुलिन एक तरह का हार्मोन होता है जो शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है और खाने को ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जब इसका स्तर बढ़ता है तो शरीर इस हार्मोन के प्रति उदासीन होने लगता है और शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ती है (Diabetes Prevention)। शुगर शरीर के सभी अंगों पर अपना प्रभाव डालती है। डायबिटीज कोई बीमारी नहीं होती लेकिन इसकी वजह से कई बीमारियां जन्म लेती हैं।

डायबिटीज के प्रकार

वैसे तो यह दो प्रकार की होती है। टाइप 1 और टाइप 2. टाइप 1 को जेनेटिक (genetic) यानी अनुवांशिक कहा जाता है और यह बच्चों में देखने को मिलती है। वहीं टाइप 2 को लाइफस्टाइल से जुड़ा माना जाता है। न्यूट्रिशनिस्ट डॉ चौधरी का कहना है कि डायबिटीज किसी तरह की कोई बीमारी नहीं होती यह बस एक मेडिकल कंडीशन होती है। जिस तरह इंसान के तेज दौड़ने या फिर कोई मेहनत वाला कार्य करने से उसका ब्लड प्रेशर बढ़ता है उसी तरह ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता है। इस कंडीशन को तीन दिन में पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।

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डॉ. चौधरी ने इसे लेकर एक अध्ययन किया जिसमें उन्होंने दुनिया भर के तमाम हिस्सों से 55 लोगों को शामिल किया। इन लोगों में टाइप 1 और 2 दोनों ही श्रेणियों के लोग शामिल थे। इतना ही नहीं इन लोगों को इंसुलिन लेना पड़ता था। डॉ. ने इन मरीजों की सारी दवाएं बंद कर दी और उन्हें अगले तीन दिन तक एक खास डायट फॉलो करने को कहा गया। उन्हें लगातार डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी में रखा गया ताकि कोई मेडिकल कॉम्प्लिकेशन न हो। तीन दिनों तक लगातार उनके ब्लड शुगर की जांच की गई। इस दौरान उनका ब्लड शुगर लगातार नियंत्रित होते-होते आखिर में सामान्य हो गया। अपने अध्ययन के आधार पर डॉ. ने कहा कि यदि दवा की बजाए 3 स्टेप फॉलो किए जाएं तो शुगर की दवा की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसके अलावा अन्य दवाओं जैसे ब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और एसिडिटी की दवाओं की जरूरत भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

3 स्टेप

इस अध्ययन के अनुसार पहले स्टेप में मरीज को सुबह 12 बजे तक केवल फलों का सेवन करना है। इस अवधि में किसी तरह का कोई अनाज नहीं खाना है। तरल पदार्थ के लिए केवल पानी या नारियल पानी का सेवन करना है। उन्होंने बताया कि वजन के अनुसार ही इनका सेवन करना है। जैसे किसी व्यक्ति का वजन 70 KG है तो उसे 700 ग्राम फलों का सेवन करना होगा। हालांकि ज्यादा भूख महसूस होने पर ज्यादा फलों का सेवन किया जा सकता है। लेकिन कम मीठे फलों का सेवन करना है।

दूसरे स्टेप में लंच और डिनर से 1 घंटे पहले अपने वजन के अनुसार सलाद का सेवन करना है। मान लीजिए आपका वजन 70 KG है तो 350 ग्राम सलाद का सेवन करना होगा। सलाद में गाजर, मूली, टमाटर, खीरा, ककड़ी या जो भी मौसमी फल हो, उसकी सलाद का सेवन करें। सलाद वजन के अनुसार 5 गुना ज्यादा लेना है।

तीसरे और अंतिम स्टेप में दूध और उससे बनी सभी चीज़ों को पूरी तरह से बंद करना होगा। इसमें दही, छाछ, फ्लेवर्ड दूध, दूध, पनीर, चीज या मिठाइयां आदि का सेवन पूर्ण रूप से बंद करना होगा। इसके अलावा पैकेज्ड फूड भी नहीं खाना चाहिए। इस डायट को डीआईपी (Disciplined and Intelligent People) डायट नाम दिया गया है।

डॉ. चौधरी का कहना है कि इस डायट को फॉलो करके शुगर की समस्या से गारंटी के साथ छुटकारा पाया जा सकता है। उनके अनुसार इसके लिए न तो किसी दवा का सेवन करना होगा और न ही इन्सुलिन लेना होगा। इसे फॉलो कर मात्र 3 दिन में शुगर से छुटकारा पाया जा सकता है।

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Prabhat

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