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शरीर के दर्द से छुटकारा पाने का अचूक उपाय

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कहते हैं अगर इंसान स्वस्थ है तो वह हर तरह से सुखी है क्योंकि कहा गया है कि, पहला सुख निरोगी काया। यदि किसी व्यक्ति को दर्द या तकलीफ हो या फिर उसे कोई बीमारी घेरे हो तो वह कभी भी प्रसन्न नहीं रह सकता। उसके पास चाहे कितनी भी धन-दौलत या फिर शोहरत क्यों न हो, लेकिन यदि वह स्वस्थ नहीं है तो उसे कोई भी सुख प्राप्त नहीं हो सकता। आज की इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में शरीर में थोड़ा बहुत दर्द होना तो लाजमी है। हर इंसान कभी न कभी शरीर में दर्द से जूझता ही है। आज के दौर में यह एक आम समस्या हो गई है। शरीर के दर्द से छुटकारा पाने के लिए लोग डॉक्टर के पास जाते हैं या फिर दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते है।

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कई बार दर्द इतना बढ़ जाता है कि डॉक्टर दवाओं का ढेर लगा देते हैं। ऐसे में हम चाहते हुए भी न तो दवाओं को छोड़ सकते हैं न डॉक्टर को। दर्द से छुटकारा पाने के चक्कर में हमारी पूरी जमा पूंजी भी खत्म हो जाती है। वहीं दर्दनिवारक दवाएं हमारे शरीर पर कुछ न कुछ बुरा असर भी डालती हैं। यह हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को काफी हद तक कम कर देती हैं जिसकी वजह से हम बेहद जल्द अन्य बीमारियों से घिरने लगते हैं। अगर आप भी ऐसे ही किसी दर्द से जूझ रहे हैं तो हम आपको कुछ ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जो आपको बिना किसी दवा के सेवन के दर्द से छुटकारा दिला देगा।

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इस उपाय को आजमाने के बाद आपको न तो दवाओं का सेवन करना पड़ेगा न ही कोई खर्च करना पड़ेगा। और सबसे अच्छी बात है कि इसका कोई दुष्परिणाम भी नहीं होगा। यह बिल्कुल फ्री, आसान और अचूक उपाय है। आयुर्वेद के बारे में तो हम सभी जानते ही हैं। इसमें इंसान को अपनी सांस के द्वारा अपने शरीर पर काबू करने के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि हमारे शरीर में हर काम हमारी सांस के द्वारा ही होता है। अगर आपके शरीर के किसी भी अंग में दर्द हो तो इस बात की जांच कीजिए कि आपका कौन सा स्वर चल रहा है। मतलब आप एक-एक तरफ से अपनी नाक बंद कर सांस लें और छोड़ें। जिसमें आपको एक तरफ से अच्छी तरह सांस आएगी जबकि दूसरी तरफ से सांस लेने में थोड़ा अवरोध होगा और सांस रूककर आएगी।

जिस तरफ से सांस सही से आ रही है वही स्वर चलता है। जैसे यदि आपको बायीं तरफ से अच्छी तरह से सांस आ रही है तो इसका मतलब होगा कि आपका बायां स्वर चल रहा है। आपका जो स्वर चल रहा हो उसे बदल देना चाहिए। मतलब कि जिस नासिका से रूककर सांस आ रही है उससे सांस लें और जो स्वर चल रहा है उसे बंद कर दें। ऐसा थोड़ी देर करने से आपका स्वर बदल जाएगा। इसके अलावा जो स्वर चल रहा है उसी तरफ करवट कर लेट जाने से भी स्वर बदल जाता है। जब आप अपना स्वर बदलेंगे तो आपको कुछ ही देर में दर्द से राहत मिल जाएगी।

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