जानिए, सर्दियों में नवजात बच्चों की देखभाल कैसे करें

0

विभिन्न ऋतुओं के अपने अलग-अलग रूप हैं। कुछ लोगों को गर्मी पसंद आती है तो किसी को बारिश की हरियाली। वहीं किसी को गुलाबी ठण्ड बहुत पसंद होती है। सर्दियों के आते ही कई लोगों के चेहरे खिल जाते हैं। कुछ लोग सर्दियों का मौसम एन्जॉय करते हैं, लेकिन यह ठंड आप के नवजात को परेशान भी कर सकती है।गुलाबी सर्दियां यूं तो सभी को पसंद आती है, पर कड़ाके की ठंड से बचाव भी बहुत ज़रूरी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का। नवजात शिशु अपनी भावनाओं को बताने में अक्षम होते हैं इसलिए हमें खुद ही अंदाजा लगाना पड़ता है कि इन्हें क्या चाहिए और कैसे चाहिए। आज हम यहां बात कर रहे हैं कि नवजात शिशु को सर्दियों में कैसे कपड़े पहनाने चाहिए।

नवजात शिशु के शरीर में चर्बी बहुत कम होती है, जिस कारण वे ज्यादा सर्दी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं इसलिए बच्चों को सर्दियों में अच्छी तरह कपड़े पहनाने चाहिए। बच्चों के सिर, पैर और कानों को हमेशा ढंककर रखना चाहिए| वे सिर और पैरों से ही ठंड की चपेट में आते हैं।

अगर ठंड ज़्यादा हो तो टोपी-मफलर और ऊपर से हुड वाला जैकेट भी पहनाएं। डॉक्टर के अनुसार, जितने कपड़ों में एडल्ट खुद को सर्दियों में सुरक्षित महसूस करते हैं, बच्चों को उससे एक कपड़ा एक्स्ट्रा पहनाना चाहिए। बच्चों को अंदर कॉटन के इनरवियर पहनाएं। उसके ऊपर वॉर्मर, फिर शर्ट, टी-शर्ट और फ्रॉक आदि पहनाएं।

उसके ऊपर स्वेटर व जर्सी पहनाएं। हो सके तो बच्चे के आसपास हीटर इस्तेमाल न करें। बीच-बीच में बच्चे के हाथ-पांव भी देखते रहने चाहिए। यदि थोड़े भी ठंडे लग रहे हैं तो तुरंत दस्ताने और जुराब पहनाएं। सर्दियों में बच्चे की रोजाना 10-15 मिनट विशेष मालिश ज़रूर करें। इससे बच्चे के मसल्स और जोड़ मजबूत होते हैं। मालिश बादाम, जैतून या बच्चों के तेल, किसी से भी कर सकते हैं। तेल का असली काम लुब्रिकेशन का है। साथ ही ध्यान रखें कि आप अगर किसी नवजात बच्चे को छूने जा रहे हैं या उसे गोद में लेने जा रहे हैं तो आप के हाथ ज़्यादा ठंडे नहीं होना चाहिए। इससे नवजात को सर्दी भी लग सकती है।

Share.