website counter widget

कहीं गंभीर बीमारी का कारण न बन जाए मांसपेशियों का दर्द

0

मांसपेशियों में दर्द की समस्या अब बेहद ही आम हो चली है और लोग इसे नज़रअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर इस पर ध्यान नहीं दिया जाए तो आगे चलकर यह गंभीर समस्या बनकर सामने आ सकती है। आज के दौर में करियर संवारने के सपने दिखाने वाले ज्यादातर इंस्टिट्यूट और कोचिंग सेंटर छात्रों को बीमार बना रहे हैं। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। इस अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कई घंटों तक इन सेंटरों में छात्रों को एक ही स्थान पर बैठे रहना पड़ता है। इस वजह से छात्रों की पीठ को आराम नहीं मिल पाता और उन्हें मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होने लगती है। वहीँ अध्ययन में यह भी पता चला कि आज के समय में ज्यादातर छात्रों में इसी तरह की समस्या बढ़ रही है।

हमेशा रहती है थकान तो हो सकती है यह गंभीर बीमारी

इस अध्ययन में 16 साल से लेकर 22 साल तक के छात्रों को शामिल किया गया था। इस अध्ययन में 87 प्रतिशत छात्रों को मांसपेशियों में दर्द पाया गया जबकि पहले के समय में उन्हें इस तरह की कोई भी समस्या नहीं थी। इस अध्ययन की रिपोर्ट को “जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन ऐंड प्राइमरी केयर” में छापा गया है। सफदरजंग अस्पताल के डॉ. हर्षानंद पोपलवार का कहना है कि यह स्टडी एम्स भोपाल की मदद से डॉ आशुतोष संतोषी के नेतृत्व में की गई। हर्षानंद ने बताया कि 5 कोचिंग सेंटरों पर उन्होंने यह अध्ययन किया।

Kidney Disease से परेशान लोग जरूर पढ़ें

इस अध्ययन में कुल 488 छात्रों को शामिल किया गया था और यह सभी छात्र लगभग 16 महीने की कोचिंग कर चुके थे। यह सभी छात्र प्रतिदिन 3 घंटे कोचिंग में बिताते हैं। इस छात्रों में 64 प्रतिशत लड़के व 36 प्रतिशत लड़कियां शामिल थीं, जो दिन भर में औसतन 5 घंटे तक पढ़ाई करते थे। इस अध्ययन के जो नतीजे सामने आए उसने सभी को चौंका कर रख दिया। इस अध्ययन में पता चला कि 87.1 फीसदी छात्र मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर (MSD) से पीड़ित हैं। MSD मतलब मांसपेशियों में दर्द की समस्या। अध्ययन में पता चला कि फिजिकल ऐक्टिविटी नहीं करने और कई घंटों तक लगातार बैंच पर बैठे रहने की वजह से उन्हें इस तरह की समस्या होने लगती है। अगर इसका इलाज नहीं कराया जाय और इस पर ध्यान नहीं दिया जाए तो यह आगे चलकर गंभीर रूप धारण कर सकती है।

मौसम में बदलाव का स्वास्थ्य पर पड़ रहा है असर, तो अपनाएं यह उपाये

ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.