खतरा : ई-सिगरेट से बढ़ रहा मुंह का कैंसर

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ई-सिगरेट मुंह के कैंसर का कारण बन सकती है। ई-सिगरेट मुंह के डीएनए को नष्ट करने वाले तत्वों का स्तर बढ़ा देती है, जिस कारण मुंह का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। यह खुलासा हुआ है एक अध्ययन में सामने आया है। अमरीका केमिकल सोसायटी, बॉस्टर के अध्ययन में सामने आया है कि अगर शरीर ई-सिगरेट पीने के बाद नष्ट हुए डीएनए की मरम्मत नहीं कर पाता है, तो कैंसर होने के चांस ओर बढ़ जाते हैं।

कई नुकसान

यही नहीं अध्ययन में सामने आया कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने से कई तरह के नुकसान होते हैं। जिनके बारे में लोग जानते नहीं है। इससे हार्ट अटैक,केंसर और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारी होने का खतरा रहता है। वहीं पांच में से चार ई-सिगरेट पीने वालों में एक्रोलिएन से सबसे ज्यादा डीएनए नष्ट होने का खतरा होता है।

डीएनए करता है खत्म

शोधकर्ता डॉक्टर रोमेल डैटर के मुताबित ई-सिगरेट पीने के बाद शरीर का डीएनए नष्ट हो जाता है। उन्होंने ई-सिगरेट पीने के बाद डीएनए को नष्ट करने वाले तत्वों को पहचाना है, जिसमें फोरमालडिहाइड, एक्रोलिएन और मिथाइजिलायोक्सल शामिल हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट भी सख्त

वहीं भारत में ईसिगरेट के इस्तेमाल को लेकर किसी तरह का रोक या दिशा निर्देश ना होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा है। स्वास्थ्य को मिले निर्देश के बावजूद उसने कोई गाइडलाइन तैयार नहीं की है। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय को 6 हफ्ते का वक्त देते हुए रिपोर्ट पेश करने को कहा है। जिसमें यह बताना होगा कि ई-सिगटेर को लेकर सरकार की क्या नीति है और इसे रोकने के लिए क्या प्रावधान हैं। देश में कई राज्य ऐसे हैं जहां ई-सिगरेट को प्रतिबंधित ड्रग की कैटेगरी में रखा गया है। इसमें पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ शामिल हैं।

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