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जोड़ों के दर्द में योगासन की मदद ले

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योग का जीवन में बड़ा महत्व हे और आज कल की जीवन चर्या में योग (yogasana) का और भी अधिक महत्व हो गया हैं| मन और शरीर को फिट रखने के लिए यह एक जरूरी और कारगर युक्ति है| फिटनेस (fitness) के लिए कई तरह के योगासन बनाए गए हैं| योगासन (Yoga Asanas To Relieve Joint Pain) कई तरह की बीमारियों से मुक्ति दिलवाने के साथ मन, मष्तिष्क और तन को तरोताजा रखते हैं| रोजाना कुछ मिनट का योग अभ्यास आपको फिट रखने में सहायक सिद्ध होता है|

ऐसे में आयंगर पद्धति के जरिए आप घरेलू उपकरणों का प्रयोग कर आसानी से और सटीकता के साथ आसन कर सकते हैं| योग गुरु डॉ. अवधेश शर्मा के अनुसार त्रिकोणासन करने के लिए समस्थिति में खड़े होकर सामान्य सांस लें| इसमें ध्यान रखें कि कमर, कूल्हे और पीठ सब एक सीध में होने चाहिए| दोनों हाथों को जोड़कर प्रणाम की मुद्रा में आएं| सांस लेते हुए जंप करके दोनों हाथ और पैरों को खोल दें| इसके बाद दाएं पैर के पंजे को 90 डिग्री एंगल में घुमाएं|

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Yoga Asanas To Relieve Joint Pain :

अब सांस लेते हुए कमर को मोड़ें और एक हाथ राइट साइड में जमीन की ओर ले जाएं अगर हाथ जमीन तक न पहुंचे तो पैरों का सहारा लेकर वहीं रोक दें, जबकि दूसरा हाथ सीधा हवा में रखें और घुटने मुड़ने नहीं चाहिए। इसी अवस्था में 20 तक गिनती गिनें|
आयंगर पद्धति से त्रिकोणासन के लिए बेल्ट के प्रयोग से जिस ओर झुक रहे हैं उसके विपरीत पैर के पंजे को कमर से कसकर बांध देते हैं| वहीं एक लकड़ी के गुटके से जिस ओर झुक रहे है उस ओर के हाथ को टेक लेते हैं|

इससे कमर सीधी रहती है और बेल्ट और गुटके से सहारा भी मिलता है, जिससे यह आसन करना आसान हो जाता है| दोनो हाथ फैलाकर पैरों के बीच में एक स्टूल रख लेते हैं| एक पैर की जांघ स्टूल पर रखते हैं| उस पैर का पंजा एक आर्क के आकार के लकड़ी के गुटके पर रखते हैं जो 90 डिग्री एंगल में मुड़ा होता है| दूसरे पैर को बिना सहारे के फैलाते हैं|

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एक अन्य तरीके से भी इसे किया जा सकता है इसमें कंधे के ऊपर गर्दन के पीछे से एक लाठी को रखते हैं जिस पर हाथों को घुमाकर रख लेते हैं| इससे हाथ फैलाने से गर्दन पर आने वाला दबाव भी खत्म हो जाता है ये उनके लिए जिन्हें हाथ फैलाए रखने में समस्या होती है| यह किसी लोहे के या लकड़ी के पटरे के नीचे किया जाता है जो दीवार के एक कोने में फिक्स हो| इसमें ठीक उसी तरह पैर फैलाते हैं और दूसरे पैर के पंजे को 90 डिग्री के कोड़ में मोड़ते हैं| डॉ. अवधेश शर्मा ने बताया कि जिन मांसपेशियों और हड्डियों का सहयोग आसन में नहीं मिलता उनके सहयोग के लिए उपकरणों का प्रयोग किया जाता है| साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन उपकरणों का इस्तेमाल विशेषज्ञों की निगरानी और सलाह से ही करें |

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