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सेहत पर भारी काम का बोझ…

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आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते। वहीं काम का बोझ बढ़ने से लोग तनाव का शिकार हो जाते हैं। तनाव भी सेहत पर बुरा असर डालता है। काम का बोझ न ठीक से खाने देता है, न सोने। किस तरह काम का प्रेशर हमारी सेहत बिगाड़ रहा है। इसके क्या लक्षण (Working Too Much Health Effects) देखने को मिल रहे हैं डालते हैं एक नज़र।

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कम उम्र में दिल संबंधी बीमारी
मोटापा
कम उम्र में रक्तचाप की समस्या
टाइप 2 डायबिटीज़
नशे की लत
तनाव व टेंशन
सिरदर्द, कमरदर्द की समस्या
थकान, सुस्ती

यह सभी लक्षण सिर्फ और सिर्फ काम का बोझ बढ़ने के कारण सामने आते है। पैसे कमाना आज के दौर की आवश्यकता है। लेकिन पैसे कमाने के लिए आप अपनी सेहत से खिलवाड़ मत कीजिए। काम का प्रेशर इतना भी मत बढ़ने दीजिए कि आप अपनी ज़िन्दगी जीना ही भूल जाएं।

जानते हैं क्या है इससे बचाव के उपाए (Working Too Much Health Effects And Treatment)

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नशे की लत

जब भी आप पर काम का बौझ बढ़ता है तो आप तनाव का शिकार हो जाते हैं। तनाव के कारण ज्यादातर लोग नशे के आदी हो जाते हैं। एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि हफ्ते में 40 घंटे से अधिक काम करने पर शराब के सेवन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

बचाव : जब भी आप कार्यालय से घर आएं, तो अपने लैपटॉप, मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल न करें। अपना मूड फ्रेश करने के लिए अपना पसंदीदा गाना सुने या फिर कोई किताब पढ़े।

क्वालिटी व प्रोडक्टिविटी प्रभावित

अगर आपका काम वक़्त पर खत्म नहीं हो रहा है तो इसका मतलब है कि आपके काम की क्वालिटी व प्रोडक्टिविटी कम हो रही है। आपके काम के घंटे बढ़ गए हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आप काम ज्यादा कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि आप निर्धारित समय में अपना काम नहीं कर रहे हैं।

बचाव : सबसे पहले तो आप टाइम टेबल बनाएं। टाइम मैनेजमेंट करना बेहद जरूरी है। इसके बाद आप जहां तक हो सके मल्टी टास्किंग से बचें। जरूरी काम को पहले निपटाएं।

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थकान और सुस्ती

काम का बोझ कभी-कभी इतना बढ़ जाता है कि आप अपनी नींद भी भूल जाते हैं। इस नतीजा यह होता है कि आप दिनभर थकान और सुस्ती महसूस करते हैं। इस वजह से आप अपने काम में ध्यान नहीं लगा पाते और आपकी प्रोडक्टविटी प्रभावित होती है। इन वजह से आपको टाइप 2 डायबिटीज़ व हार्ट डिसीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है।

बचाव : इसके लिए आप खुद को काम के दौरान बीच-बीच में ब्रेक देते रहें। काम के वक़्त बीच-बीच में थोड़ा स्ट्रेचिंग करें। बीच में उठकर थोड़ी-थोड़ी देर में वॉक करते रहें। ऐसा करने से थकान व सुस्ती कम होगी और आपका तनाव भी नहीं बढ़ेगा।

तनाव

लगातार कई घंटों तक काम करते रहने से स्ट्रैस यानी तनाव बढ़ने लगता है। कभी-कभी लगातार काम करना जरूरी हो जाता है। वहीं काम का बोझ लगातार बढ़ते जाने से भी तनाव बढ़ता है।

बचाव : तनाव से बचने का सबसे अच्छा उपाए है मेडिटेशन। आप सुबह उठ कर थोड़ी देर मेडिटेशन करें। रोजाना मेडिटेशन करने से आपका तनाव तो कम होगा ही, साथ ही आप दिन भर तरोताजा महसूस करेंगे।

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