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शरीर के चयापचय चक्र के लिए नुकसानदेह

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देर रात तक जागना बदलती जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है| खासकर युवाओं के बीच देर रात तक जागना सामान्य है| देर रात तक जागने को कुछ लोग मस्ती का नाम देते हैं तो कुछ के लिए यह मजबूरी है|  एक अध्ययन में कहा गया है कि रात में देर तक जागना दिल और शरीर के चयापचय चक्र के लिए काफी खतरनाक होता है| शोधकर्ताओं का कहना है कि देर तक जागने वालों को सेहत संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता है|

देर से सोना और देर से उठना सेहत के लिए नुकसानदायक है| यह तो सभी को पता है, लेकिन इस आदत के कारण आपको जान का खतरा भी हो सकता है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का कहना है कि जल्दी सोने और जल्दी जागने वालों के मुकाबले देर से सोने वालों को सेहत संबंधी समस्याएं अधिक रहती हैं|

यह अध्ययन 50 हजार से अधिक लोगों पर किया गया है| विशेषज्ञों का दावा है कि ऐसे लोगों की मृत्यु समय से साढ़े छह साल पहले हो सकती है| शोधकर्ताओं की माने तो सुबह जल्दी जागने और रात को जल्दी सोने वाले प्रकृति के अधिक करीब रहते हैं और यही उनकी सेहत की यूएसपी होती है| प्रमुख शोधकर्ता और न्यूरोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस्टेन नटसन का कहना है कि देर से जागने का शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव होता है|

देर तक जागने का बुरा प्रभाव हृदय की सेहत पर पड़ता है और शरीर का चयापचय तंत्र भी प्रभावित होता है| रात में जागने वालों को खराब सेहत के कारण मृत्यु का खतरा 10 फीसदी से भी अधिक रहता है| यूनिवर्सिटी ऑफ सर्रे में क्रोनोबायोलॉजी के प्रोफेसर मालकम वॉन शैन्ट्ज का कहना है कि यह सार्वजनिक सेहत का मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए|

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