REVIEW!!  हॉकी थामे, पगड़ी बांधे छा गया ‘सूरमा’

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स्टार कास्ट :  दिलजीत दोसांझ, तापसी पन्नू, अंगद बेदी, विजयराज, दानिश हुसैन|

डायरेक्टर : शाद अली

रेटिंग : 3.5 स्टार

कहानी

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीपसिंह के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सूरमा’ की कहानी वर्ष 1994 से शुरू होती है| संदीप सिंह, जो शाहबाद के एक गांव में अपने माता-पिता और बड़े भाई विक्रमजीत सिंह के साथ रहते हैं| बचपन में दोनों भाई हॉकी खेलने के लिए जाते हैं, लेकिन कोच के बर्ताव से नाखुश होकर संदीप हॉकी नहीं खेलना चाहता है| इसके बाद एक दिन अचानक संदीप महिला हॉकी खिलाड़ी हरप्रीत के प्यार में पड़ जाते हैं| हॉकी खेलने की चाह छोड़ चुके संदीपसिंह हरप्रीत के कहने पर एक बार फिर से हॉकी खेलना शुरू करते हैं| हरप्रीत की तमन्ना रहती है कि संदीप अच्छी तरह हॉकी पर ध्यान दें और विश्वकप में हिस्सा लें|

कहानी में मोड़ उस समय आता है, जब एक बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए संदीपसिंह ट्रेन में बैठते हैं तो उनकी पीठ पर गोली लग जाती है| इसके बाद वे कोमा में चले जाते हैं| जब वे कोमा से बाहर आते हैं, तब उनके शरीर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो जाता है| इसके बाद संदीपसिंह का असली संघर्ष शुरू होता है|

अभिनय और निर्देशन

शाद अली ने संदीपसिंह के संघर्ष की कहानी को अच्छी तरह बड़े पर्दे पर पेश किया है| फिल्म की रफ़्तार कुछ जगह काफी धीमी हो जाती है| कहीं-कहीं आपको यह फिल्म इमोशनल भी कर सकती है| सूरमा की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है| अदाकारी की बात की जाए तो दिलजीत दोसांझ संदीपसिंह के किरदार में काफी आकर्षक लग रहे हैं| हॉकी थामे, पगड़ी बांधे दिलजीत दोसांझ को स्क्रीन पर देखकर लगता है कि वे दिलजीत नहीं बल्कि संदीप सिंह हैं| तापसी ने भी लाजवाब काम किया है| शाद अली ने दोनों कलाकारों के बीच के प्यार को भी बड़े ही अच्छे तरीके से दर्शकों के सामने पेश किया है| अंगद बेदी ने संदीप के बड़े भाई के रूप में अच्छा काम किया है| विजयराज ने कोच की भूमिका बखूबी निभाई है| फिल्म का म्यूजिक थोड़ा कमजोर है|

बॉक्स ऑफिस अनुमान

फिल्म ‘सूरमा’ को समीक्षकों से अच्छी प्रतिकिया मिल रही है| यह दर्शकों को लुभाने में कामयाब रहेगी| पहले दिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 5-6 करोड़ का कारोबार कर सकती है, वहीं शनिवार और रविवार को फिल्म के कारोबार में बढ़ोतरी हो सकती है|

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