इन गानों के साथ बचपन के गलियारों में खो जाएं…

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आज पूरे देश में बाल दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है| इस मौके पर देश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है| इस दिन स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रमों जैसे वाद-विवाद, संगीत और नृत्य का आयोजन होता है| आज बाल दिवस के मौके पर हम आपके लिए कुछ पुराने गीत लेकर आए हैं| इन्हें सुनने के बाद आप भी बचपन की गलियों में खो जाएंगे|

नानी तेरी मोरनी को…

वर्ष 1960 की फिल्म ‘मासूम’ का यह गाना एक छोटी सी बच्ची पर फिल्माया गया है| इसमें बच्ची गाना गाती है और अपनी नानी को मनाती है|

नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी…

वर्ष 1954 के आई फिल्म ‘बूट पॉलिश’ का यह गाना ‘नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी…’भारत के संकल्प को दर्शाता है|

https://youtu.be/jSNFQmNagE0

छोटा बच्चा जान के…

वर्ष 1996 में आई फिल्म ‘मासूम’ में आदित्य नारायण द्वारा यह गाना गाया गया था|

 नन्हा-मुन्ना राही हूं…

वर्ष 1962 में आई फिल्म ‘सन ऑफ इंडिया’ में यह गाना था, जो मन में जोश और उत्साह भर देता है|

दादी-अम्मा, दादी अम्मा मान जाओ…

वर्ष  1989 में आई फिल्म ‘घराना’ के दादी-अम्मा, दादी अम्मा मान जाओ गीत से रूठी दादी को मनाना बहुत आसान हो जाता है|

https://youtu.be/lDwhUEYezig

लकड़ी की काठी

1983 में जब  ‘मासूम’  फिल्म में गुलजार के लिखे इस गीत को आरडी बर्मन की धुन के साथ बनाया गया था|

https://youtu.be/chXKA41cec4

ईचक दाना बीचक दाना…

यह गाना पहेलियों के अंदाज़ में बच्चों को पढ़ाने के अनोखे तरीके के बारे में बताता है|

चुन-चुन करती आई चिड़िया…

‘अब दिल्ली दूर नहीं’ का गाना चुन-चुन करती आई चिड़िया… एक बच्चे को खुश करने के लिए गाया गया है|

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