इनके स्वरों से मिलता है आनंद

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इंदौर जितना अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए जाना जाता है, उतना ही यहां के टैलेंट के लिए भी। कई जानी-मानी हस्तियां इंदौर से निकलकर देशभर में अपना नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्हीं हस्तियों में से एक हैं स्वानंद किरकिरे।

स्वानंद किरकिरे फिल्म इंडस्ट्री का ऐसा नाम है, जिन्होंने संगीत को एक अलग पहचान दी। लेखक, संगीतकार, संगीत निर्देशक और अभिनेता स्वानंद किरकिरे अपने आपको कई बार एक बेहतरीन कलाकार के रूप में सिद्ध कर चुके हैं। आइये जानते हैं इनकी ज़िंदगी के बारे में –

1970 में इंदौर के रामबाग में जन्मे स्वानंद ने अपनी शुरुआती पढ़ाई इंदौर में ही पूरी की। इनके मां और पिताजी दोनों शास्त्रीय संगीतकार थे, जिस कारण शुरू से ही इनका रुझान संगीत की ओर था। इसके बाद अपने अंदर की प्रतिभा को पहचान कर इन्होंने दिल्ली के ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’ में दाखिला लिया और अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आज इस मुकाम तक पहुंच गए।

करीब 60 फिल्मों के लिए गाने लिख चुके स्वानंद किरकिरे सैकड़ों गैर फ़िल्मी गाने भी लिख चुके हैं। स्वानंद ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी। इस फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर होने के साथ उन्होंने इस फिल्म के लिए गाने भी लिखे हैं। इस फिल्म के गाने ‘बावरा मन’ और ‘ऐ सजनी’ काफी लोकप्रिय हुए। इस फिल्म की लोकप्रियता के बाद स्वानंद को ‘परिणीता’ और ‘कल’ जैसी फिल्मों के लिए भी गाने लिखने का मौका मिला। इसके बाद स्वानंद ने कई हिंदी, भोजपुरी और मराठी फिल्मों के लिए गाने लिखे। स्वानंद कविताएं भी लिख चुके हैं, उनकी ‘तुम तुम रहना’ काफी लोकप्रिय कविता है।

स्वानंद कई फिल्मों के लिए संगीत निर्देशन भी कर चुके हैं। ‘स्ट्राइकर’ और ‘भोपाल’ जैसी फिल्मों में संगीत देकर उन्होंने अपनी प्रतिभा को साबित किया। इसके अलावा उन्होंने ‘बावरा मन’, ‘तू किसी रेल सी गुज़रती है’, ‘मोंटा रे’, ‘आला बर्फी’ के अलावा कई गाने गाए भी हैं, जो काफी पसंद किए गए। स्वानंद टेलीविज़न पर भी कई बार अपना योगदान दे चुके हैं। टीवी चैनल ‘कलर्स’ के शो ‘उतरन’ के लिए भी किरकिरे टाइटल गीत गा चुके हैं। आमिर खान के शो ‘सत्यमेव जयते’ में कई बार स्वानंद अपने लिखे गाने की प्रस्तुति दे चुके हैं। इस शो में उनके द्वारा लिखा गाना ‘चिरैया’ लोगों द्वारा काफी पसंद किया गया।

संगीत निर्देशन, गीत लिखने और गाने के अलावा स्वानंद कई फिल्मों में अभिनय भी कर चुके हैं| इनमें से कुछ फिल्में हैं ‘हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी’, ‘चमेली’, ‘एकलव्य’, ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ आदि। स्वानंद ने ‘चमेली’, ‘शिवाजी’ और ‘लिंगा’ जैसी फिल्मों के लिए संवाद भी लिखे हैं।

स्वानंद कई बार अपने कामों के लिए पुरस्कृत हो चुके हैं| इन्हें फिल्म ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ के गाने ‘बंदे में था दम’ और ‘3 इडियट्स’ के गाने ‘बहती हवा सा था वो’ के लिए नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। इन्हें फिल्म ‘परिणीता’ के गाने ‘पीयु बोले’ के लिए ‘फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट लिरिक्स’ भी मिल चुका है। इसी के साथ ‘काई पो चे’ के गाने ‘मांझा’ के लिए स्क्रीन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा फिल्म ‘बर्फी’ के लिए ‘बेस्ट एलबम’ और अपने गाने ‘चिरैया’ के लिए ‘सॉन्ग ऑफ़ द ईयर’ का नॉमिनेशन भी मिल चुका है।

उन्होंने हालिया फिल्म ‘दासदेव’ में ‘आजाद कर…’ गीत गाया था, जिसे गौरव सोलंकी ने लिखा है| स्वानंद किरकिरे का कहना है कि ऐसा बहुत कम होता है जब कोई गीतकार दूसरे गीतकार के गीत को आवाज़ देता है। स्वानंद एक शॉर्ट फिल्म भी डायरेक्ट करने वाले हैं।

-अदिति मोटे

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