Chhapaak Movie Review : दीपिका ने जीता सभी का दिल

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बॉलीवुड (Bollywood) में लगतार एक से बढ़कर एक हिट फिल्म बनाई जा रही हैं। वहीं इन दिनों असल जिंदगी से जुड़ी घटनाओं पर फिल्म बनाए जाने का ट्रेंड भी चल पड़ा है (Deepika Padukone Chhapaak Review)। पिछले दिनों मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) ने असल जिंदगी पर आधारित ‘तलवार’ और ‘राजी (Raazi)’ जैसी फिल्मे बनाई और दर्शकों के दिल को टटोल लिया। ये दोनों ही फिल्मे दर्शकों को लुभाने में कामयाब रहीं और इसके पीछे वजह थी सच्ची घटनाएं जिन पर फिल्म बनाई गई थी। अब मेघना एक बार फिर एक और सच्ची घटना पर आधारित फिल्म लेकर दर्शकों के बीच आई हैं। इस बार उन्होंने विषय चुना एसिड अटैक पीड़तों (Acid attack victims) की जिंदगी का और बना डाली ‘छपाक’ (Chhapaak)। विषय का चुनाव करने के बाद मेघना ने इस फिल्म में एसिड अटैक सरवाइवर के रोल में कास्ट किया दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) को।

Chhapaak Review: दीपिका पादुकोण की ‘छपाक’ दमदार फिल्म, तपाक से देख आइये

दीपिका (Deepika Padukone) ने बेहद खूबसूरती के साथ एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल (Acid attack victim Lakshmi Aggarwal) का किरदार निभाया और उनके साथ असल जिंदगी में रोजाना होने वाली बातों को दिखाया। चूंकि फिल्म असली घटना पर आधारित है और इसे परदे पर जिया है दीपिका ने, यही दोनों बात इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी है। इस पर मेघना गुजलार का सधा हुआ डायरेक्शन लोगों के दिलों को जीतने का हुनर बखूबी जानता है। हालांकि किसी की असल जिंदगी को पर्दे पर दिखाना कोई आसान काम नहीं है लेकिन मेघना ने इसे पर्दे पर भी पूरी तरह असल दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दीपका ने भी किरदार निभाने के लिए छोटी से छोटी बातों का बेहद ख़ास ध्यान रखा है।

दरअसल लक्ष्मी अग्रवाल (Laxmi Agarwal) एक एसिड अटक सर्वाइवर हैं जो बेहद हिम्मत, ताकत और होंसलों के साथ अपनी जिंदगी जी रही हैं। उनके संघर्ष को इस फिल्म के माध्यम से जनता को दिखाने का काम किया है मालती (Malti Chhapaak)  मतलब दीपिका (Deepika Padukone Chhapaak Review) ने। इस फिल्म में मालती का साथ निभा रहे हैं उनके साथी अमोल यानी एक्टर विक्रांत मैसे। चूंकि फिल्म असल जिंदगी की घटना पर आधारित है इसलिए इसमें कहीं भी बनावट नज़र नहीं आती न ही यह उपदेशात्मक लगती है। लेकिन इस फिल्म को देख सभी की आंखें नम जरूर हो जाएगी। यह फिल्म देश की उन तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरेगी जो इस तरह की घटना की शिकार हो चुकीं हैं और इसके बाद उन्हें रोज घुट-घुट कर जीना पड़ रहा है। इस फिल्म को देखने के बाद उन्हें भी हौंसला मिलेगा और जिंदगी जीने का नया तरीका भी। इस फिल्म में सभी किरदारों ने बेहद ही सधी एक्टिंग की है। इस फिल्म के डायलॉग की बात करें तो उन्हें भी ऐसा लिखा गया है जो सुनने वाले को ऊपर से नीचे तक झकझोर कर रख देंगे। जैसे दीपका का एक डायलॉग – ‘नाक नहीं है, कान नहीं है, झूमके कहां लटकाऊंगी’ और ‘कितना अच्छा होता…अगर एसिड बिकता ही नहीं….मिलती ही नहीं…तो फिकता भी नहीं।”

Chhapaak Movie Trailer : आपकी आंखें नम कर देगा ‘छपाक’ का ट्रेलर

(Deepika Padukone Chhapaak Review) मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) ने देशवासियों को बड़ी आसानी से उन महिलाओं का दर्द समझा दिया जिसे वे शायद कभी नहीं समझ सकते। एक एसिड अटैक पीड़िता (Acid attack victim Lakshmi Aggarwal) को इतना दर्द उस वक़्त भी नहीं होता जब उस पर अटैक किया गया, बल्कि उसके बाद उसे रोज उस दर्द से गुजरना पड़ता है जब वह कहीं बाहर निकलती है। उसके परिचित हों या अजनबी हर कोई उसे अलग नज़रिये से देखता है, उससे बचता है, कतराता है। यह ऐसा नासूर है जो शायद जिंदगी भर नहीं भरेगा। मेघना ने अपनी इस फिल्म के माध्यम से लोगों का यही नजरिया बदलने और एसिड अटैक सर्वाइवर की जिंदगी के दर्द को बयां करने की कोशिश की है। हकीकत बयां करती इस फिल्म को देखना तो बनता है। इसमें देखने मिलेगा कि किस तरह एक लड़की अपनी खुशहाल जिंदगी जीती है और फिर उसे इस दर्द से गुजरना पड़ता है लेकिन वह हार नहीं मानती। संघर्ष करती है और अपने दम पर अपने पैरों पर खड़ी होती है और लाखों महिलाओं की हिम्मत बनती है, प्रेरणा बनती है। इस फिल्म में सभी की एक्टिंग जोरदार है जिसके लिए इस फिल्म को 5 में से 5 स्टार दिए जा सकते हैं।

दीपिका की फिल्म ‘छपाक’ की रिलीज पर रोक!

-Prabhat Jain

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