X

अपराधी नेताः कुंभकर्ण के खर्राटे

0

83 views

केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया है कि देश के 1765 सांसद और विधायक ऐसे हैं, जिन पर 3 हज़ार 45 आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। इनमें नगर निगमों और पालिकाओं के पार्षद और गांवों के पंच शामिल नहीं हैं। यदि उनकी संख्या भी मालूम की जाए तो यह आंकड़ा दोगुना-तिगुना भी हो सकता है। अभी तो विधायकों और सांसदों की कुल संख्या सिर्फ 4 हज़ार 896 है।

इन पर चल रहे मुकदमों की संख्या के बारे में याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि वे 13,500 हैं। ये आंकड़े भी पूरे नहीं हैं। अभी गोवा और महाराष्ट्र की सरकारों ने आंकड़े भेजे ही नहीं। सबसे ज्यादा आपराधिक मामले उप्र के हैं, फिर तमिलनाडु और बिहार के हैं। ये मामले वे हैं, जो बाकायदा अदालतों में चल रहे हैं, लेकिन नेताओं के खिलाफ अदालतों में जाने की हिम्मत कितने लोग कर सकते हैं ?  ये नेता बहुत-से मामलों को डरा-धमकाकर या ले-देकर मामला खत्म करवा देते हैं।

तात्पर्य यह है कि हमारी राजनीति पर अपराधों का गहरा साया है। 2014 में इस तरह के 1581 मामले थे। उस समय अदालत के निर्देश पर सरकार ने ऐसी 12 विशेष अदालतें कायम करने की बात कही थी, जो सालभर में सारे मामले निपटा देतीं, लेकिन वे अदालतें अभी तक बनी ही नहीं और अब बनेंगी तो 12 की जगह 24 या 30 बनेंगी। सरकार ने इन अदालतों के लिए 780 करोड़ रुपए देना तय किया था, लेकिन अब इस राशि को दोगुने से भी ज्यादा करना होगा। कितनी विडंबना है कि यह राष्ट्रवादियों की सरकार इतने गंभीर मामले पर चार साल से सोई पड़ी है। कुंभकर्णजी खर्राटे खींच रहे हैं।

यदि अभी तक 100 या 200 नेताओं को भी दंडित कर दिया गया होता तो इस सरकार की छवि चमचमाने लगती। अब उसका मुश्किल से डेढ़ साल बचा हुआ है। इसमें 15-20 जज हजारों मुकदमों को कैसे निपटा पाएंगे ? अपराधी नेताओं पर मुकदमे चलें और उन पर तुरंत फैसले हों, यह तो अच्छा है, लेकिन भारत की राजनीति को अपराधमुक्त करना अदालतों से ज्यादा राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। यदि वे अपराधी नेताओं को टिकट ही न दें तो राजनीति का शुद्धिकरण अपने आप होने लगेगा, लेकिन इन दलों की मजबूरी यह है कि वे टिकट उसी को देते हैं, जिसका जीतना पक्का दिखाई पड़ता हो चाहे वह अपराधी ही क्यों न हो। इस मामले में कोई दल अपवाद नहीं है।

– डॉ. वेदप्रताप वैदिक

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हैं)

Share.
24