नहीं होगी प्रजेंटेशन में परेशानी

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बिजनेस फील्ड से जुड़े लोगों को कभी न कभी अपनी टीम या दूसरे भावी क्लाइंट्स के सामने प्रजेंटेशन देनी पड़ती है। कुछ लोग इन प्रजेंटेशन्स में बेहद आश्वस्त होते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें प्रजेंटेशन के नाम से ही डर लगता है। प्रजेंटेशन की टेंशन खुद पर हावी न होने देने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि इसके लिए क्रमवार ढंग से तैयारी करके चला जाए। अगले प्रजेंटेशन में यह स्टेप ज़रूर फॉलो करें |

भाषा हो आसान

प्रजेंटेशन की भाषा ऐसी होनी चाहिए, जो वहां बैठे टारगेट व्यूअर्स को समझ आती हो। आपकी प्रजेंटेशन कितनी ही टेक्निकल मुद्दों पर क्यों न हो, अपने सामने बैठे लोगों से इंटरेक्शन में आसान शब्द का ही इस्तेमाल करे। कोई तकनीक शब्द जरूरी हो तो उसका अर्थ भी बता दें।

फीडबैक से चले

प्रजेंटेशन से पहले एक बात मानकर चलें कि यह कोई ऐसा लेक्चर नहीं है, जहां सिर्फ आपको ही बोलने की अनुमति है। अपनी बातें जबरन लोगों पर न थोपें। उनसे भी बीच-बीच में सवाल पूछते रहे। उनकी प्रतिक्रियाओं को जोड़ते हुए स्लाइड्स दिखाएंगे तो वहां बैठे लोगों की रुचि बढ़ेगी।

लक्ष्य स्पष्ट करें

प्रजेंटेशन शुरू होते ही तथ्यों की जानकारी देने के बजाय सबसे पहले अपने लक्ष्य स्पष्ट करें। टीम को प्रजेंटेशन के लक्ष्य उनके सामने स्पष्ट करें। जबकि क्लाइंट्स के सामने प्रजेंटेशन देते वक्त उनकी जरूरतों से शुरुआत करें। सामने दिखाई जा रही प्रजेंटेशन में जब वे अपनी जरूरतों की पूर्ति के विकल्प देखेंगे तो उनकी रुचि अपने आप ही आपकी प्रजेंटेशन में पैदा हो जाएगी।+

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